कुरुक्षेत्र 11 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा कानूनी जागरूकता बस के माध्यम से गांव कलीरानो, भहलोलपुर, हलालपुर में कानूनी जागरूकता अभियान चलाया गया।
सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि अभियान के दौरान ग्रामीणों को उनके विभिन्न कानूनी अधिकारों, विधिक उपचार एवं कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया। ग्रामीणों को पॉक्सो अधिनियम, पीड़ित मुआवजा योजना, पीड़ित देखभाल एवं सहायता प्रणाली, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, महिलाओं का घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, मध्यस्थता प्रक्रिया तथा किरमच स्थित सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र के बारे में जानकारी दी गई। ग्रामीणों को नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया तथा 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से निपटारा करवाने के लिए प्रेरित किया गया।
उन्होंने कहा कि नालसा जागृति ग्रामीण स्तर पर न्याय संबंधी जागरूकता, सूचना एवं पारदर्शिता, मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 तथा नालसा आपदा पीड़ितों को विधिक सेवाएं योजना, 2010 सहित कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए उपलब्ध विभिन्न विधिक सेवाओं की योजनाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। अभियान के तहत कृषि विभाग के प्रतिनिधि ने विशेष रूप से किसानों को विभिन्न कृषि योजनाओं, सरकारी सुविधाओं एवं उपलब्ध लाभों की जानकारी दी। वहीं पीएनबी आरसेटी के प्रतिनिधि ने ग्रामीणों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्वरोजगार के अवसरों, वित्तीय जागरूकता तथा आजीविका एवं उद्यमिता विकास से संबंधित योजनाओं एवं सेवाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।
सीजेएम ने कहा कि संयुक्त जागरूकता अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर कानूनी सेवाओं, कृषि योजनाओं, स्वरोजगार एवं आजीविका से संबंधित सरकारी सुविधाओं की उपयोगी जानकारी मिली। ग्रामीणों को उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाने तथा आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। कानूनी जागरूकता बस के माध्यम से चलाए गए इस अभियान को ग्रामीणों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। अभियान का उद्देश्य कानूनी जागरूकता एवं सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी को गांव-गांव और आमजन के द्वार तक पहुंचाना रहा।






