चंडीगढ़, 14 सितंबर,2026 (गुरमीत सिंह तुंग): हरियाणा में सितंबर महीने के दौरान 13,265 लोगों के बीपीएल और ए.ए.वाई (अंत्योदय अन्न योजना) राशन कार्डों से नाम हटा दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इसका प्रमुख कारण परिवारों की वार्षिक आय में बढ़ोतरी और बिजली के बिल का निर्धारित सीमा से अधिक होना सामने आया है।
सबसे ज्यादा असर पानीपत जिले में पड़ा, जहां 2,872 राशन कार्ड कम हुए। राज्य में अगस्त में बीपीएल / ए.ए.वाई कार्डधारकों की संख्या 39,89,538 थी, जो सितंबर में घटकर 39,76,273 रह गई। पानीपत में भी संख्या 2,06,456 से घटकर 2,03,584 हो गई।
सरकार की ओर से परिवारों की पात्रता की जांच पीपीपी(परिवार पहचान पत्र) में दर्ज आय और उपलब्ध अन्य डेटा की मैपिंग के आधार पर की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ मामलों में पीपीपी में कम वार्षिक आय दर्ज होने के कारण राशन कार्ड बने थे, लेकिन बाद की जांच में आय बढ़ी हुई मिलने पर पात्रता समाप्त की गई। बिजली खपत/बिल भी जांच के मानकों में शामिल है।
इसके अलावा नागरिक संसाधन सूचना विभाग कथित फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अकेले रहने वाले यानी सिंगल व्यक्तियों के मामलों की भी गहन जांच कर रहा है।
बीपीएल और ए.ए. वाई परिवारों को सरकारी राशन डिपो के माध्यम से खाद्य सामग्री तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। रिपोर्ट के अनुसार इन परिवारों को प्रति यूनिट 5 किलो गेहूं, प्रति कार्ड 1 किलो चीनी और 2 लीटर सरसों का तेल उपलब्ध कराया जाता है। इसलिए पात्रता खत्म होने से प्रभावित परिवारों पर सीधे तौर पर असर पड़ सकता है।
मुख्य आंकड़े:
13,265 बीपीएल / ए.ए.वाई नाम हटाए गए
2,872 — पानीपत में सबसे अधिक कमी
39,89,538 — अगस्त में कुल कार्डधारक
39,76,273 — सितंबर में कुल कार्डधारक
प्रमुख कारण: आय में वृद्धि और बिजली बिल/खपत संबंधी जांच






