Monday, September 28, 2026
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हरियाणा में “दिव्यांग पेंशन योजना” में पात्र उम्मीदवार को हर महीने शामिल करने का है प्रावधान – कृष्ण कुमार बेदी

हरियाणा, 17 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘हरियाणा दिव्यांग पेंशन’ नामक योजना लागू की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, जो अपने संसाधनों से भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं और जिन्हें राज्य से वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। लगभग 60 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले 2 लाख 7 हजार 104 पात्र व्यक्तियों को 3200 रुपये प्रति माह की दर से हर महीने दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस पेंशन योजना में पात्र लाभार्थियों के नाम हर महीने संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी के माध्यम से सूची में जोड़े भी जाते हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि दिव्यांगता की पात्रता मानदंडों में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के दिव्यांग व्यक्तियों को शामिल किया जाता है। आवेदक हरियाणा का निवासी होना चाहिए और आवेदन जमा करते समय पिछले 15 वर्षों से हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) और उसके निकटतम रिश्तेदार जैसे माता-पिता, पुत्र, पौत्र उसका भरण-पोषण न कर रहे हों तथा सभी स्रोतों से उसकी वार्षिक आय श्रम विभाग द्वारा अधिसूचित और विभाग द्वारा वर्ष-दर-वर्ष विज्ञापित अनपढ़/अकुशल मजदूर की न्यूनतम मजदूरी से अधिक नहीं होनी चाहिए।

हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मरीजों पर कोई आयु सीमा लागू नहीं

उन्होंने बताया कि हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मरीजों के लिए दिव्यांग पेंशन प्राप्त करने हेतु कोई आयु सीमा लागू नहीं है, लेकिन आवेदक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

श्री बेदी ने बताया कि हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी होने पर ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत वित्तीय सहायता दी जाएगी। थैलेसीमिया के मामले में लाभार्थी को संबंधित सिविल सर्जन से हर साल प्रमाण पत्र सत्यापित करवाना होगा कि वह ठीक हुआ है या नहीं। यदि सत्यापन के बाद यह पाया जाता है कि लाभार्थी ठीक हो गया है, तो उसकी वित्तीय सहायता तत्काल प्रभाव से बंद कर दी जाएगी। हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मामले में इस योजना के तहत प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता आवेदक द्वारा किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्राप्त लाभ से अलग (अतिरिक्त) होगी।

उन्होंने आगे बताया कि यह दिव्यांग पेंशन योजना उन व्यक्तियों पर लागू होगी जो हरियाणा सरकार द्वारा अधिसूचित किसी एक बीमारी से पीड़ित हैं। इनमें लोकोमोटर दिव्यांगता, कुष्ठ रोग से मुक्त व्यक्ति, सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, अंधापन, कम दृष्टि, सुनने में अक्षमता, वाक और भाषा दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, विशिष्ट सीखने की दिव्यांगता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, मानसिक बीमारी, क्रोनिक न्यूरोलॉजिकल स्थितियां, मल्टीपल स्केलेरोसिस, पार्किंसंस रोग, सिकल सेल रोग, बहु-दिव्यांगता, एसिड अटैक आदि शामिल हैं। इसके अलावा बौने व्यक्तियों को भी सरकार की दिव्यांगता श्रेणी में रखकर मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।

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