कुरुक्षेत्र 19 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल विमल गोस्वामी, एवीएसएम, वीएसएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत तालाबों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के साथ-साथ कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। तालाबों को केवल जल संरक्षण के केंद्र के रूप में विकसित करने के बजाय इसके माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाए, ताकि ग्राम पंचायतों की आय में वृद्धि हो और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं पर्यटन की नई संभावनाएं विकसित हों।
हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल विमल गोस्वामी, एवीएसएम, वीएसएम ने शुक्रवार को जिला कुरुक्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थित तालाबों के निरीक्षण के दौरान कही। उन्होंने त्यौड़ा, त्यौड़ी, धंतौड़ी, मसाना, समानी एवं झिरबड़ी गांवों में तालाबों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तालाबों में जल भंडारण क्षमता, ओवरफ्लो की स्थिति में पानी की निकासी, स्वच्छ पानी के भंडारण, तालाबों के किनारों के सौंदर्यीकरण, पाथ-वे निर्माण, बैठने की व्यवस्था तथा ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार से जायजा लिया। तालाबों का विकास इस प्रकार किया जाना चाहिए कि जल संरक्षण के उद्देश्य की पूर्ति के साथ-साथ ग्रामीणों और पर्यटकों के लिए आकर्षक एवं उपयोगी स्थल के रूप में भी इन्हें विकसित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाबों से संबंधित विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा निर्धारित मानकों के अनुसार कार्यों को गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाए। तालाबों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ स्वच्छ जल के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में इन जल स्रोतों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।

निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से मौजूद जिला परिषद कुरुक्षेत्र की चेयरपर्सन कंवलजीत कौर ने कहा कि कार्यकारी उपाध्यक्ष द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों का व्यवस्थित विकास पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन तथा ग्रामीण पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए तालाबों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। विकसित एवं सुंदर तालाब ग्राम पंचायतों की संपत्ति और आय के स्थायी स्रोत बन सकते हैं। यदि तालाबों के आसपास पाथ-वे, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं तो ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर कार्यकारी अभियंता पंचायती राज, सूक्ष्म सिंचाई एवं कमांड क्षेत्र विकास प्राधिकरण सहित अन्य विभागों के कार्यकारी अभियंता, उपमंडल अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता, लेखा अधिकारी डॉ. सत्य भूषण, बीडीपीओ आशुतोष धीमान, ग्राम पंचायतों के सरपंच व प्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।






