कुरुक्षेत्र, 28 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): जिलाधीश विश्राम कुमार मीणा ने खरीफ सीजन के दौरान धान की सुचारू एवं व्यवस्थित खरीद सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेशों के तहत जिले में शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कंबाइन हार्वेस्टर से धान की कटाई नहीं की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि कंबाइन हार्वेस्टर से धान की कटाई सामान्यत: सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही की जाएगी। यह व्यवस्था मौसम, खेत की परिस्थितियों तथा सक्षम अधिकारियों द्वारा समय-समय पर जारी अन्य दिशा-निर्देशों के अधीन रहेगी।
जिलाधीश विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि देर शाम, रात्रि तथा प्रात: के समय विशेषकर ओस और अधिक नमी की स्थिति में कंबाइन हार्वेस्टर से धान की कटाई करने पर फसल में नमी निर्धारित खरीद मानकों से अधिक हो सकती है। इससे धान की खरीद, सुखाने और भंडारण में परेशानी के साथ किसानों को भी असुविधा एवं आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि खरीद केंद्रों पर लाया जाने वाला धान निर्धारित नमी मानकों के अनुरूप होना चाहिए। वर्तमान में धान की खरीद के लिए अधिकतम अनुमत नमी की सीमा 17 प्रतिशत है अथवा सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित या संशोधित सीमा लागू होगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पका हुआ धान अनुकूल मौसम में ही कटवाएं।
जिलाधीश विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि मंडियों एवं खरीद केंद्रों पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के एक साथ पहुंचने से ट्रैफिक जाम या तुलाई एवं खरीद प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है। इसलिए वाहन केवल निर्धारित शेड्यूल और वैध गेट पास या टोकन के आधार पर ही संबंधित मंडी या खरीद केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे। उन्होंने पुलिस को यातायात प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अनाज मंडियों में निरीक्षण के लिए जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, वे खरीद प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखें।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित समय के अनुसार ही कंबाइन हार्वेस्टर से धान की कटाई करवाएं, धान की नमी निर्धारित मानकों के अनुरूप रखें। मंडी में उपज लेकर आते समय निर्धारित शेड्यूल और वैध गेट पास व टोकन व्यवस्था का पालन करें। जिला प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा तथा मंडियों में सुचारू खरीद व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं।






