कुरुक्षेत्र, 28 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष व जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल के मार्गदर्शन में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुरुक्षेत्र की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज के कुशल निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में कानूनी जागरूकता बस के माध्यम से ग्राम दुनिया माजरा, मेगा माजरा, अजमतपुर तथा बूस्टहला में कानूनी जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान स्थानीय ग्रामीणों, श्रमिकों, किसानों एवं अन्य लाभार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, विधिक उपचार तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान पॉक्सो अधिनियम, पीड़ित मुआवजा योजना, पीड़ित देखभाल एवं सहायता प्रणाली, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, मध्यस्थता प्रक्रिया, सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र, किरमच, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जागरूक किया गया।
इसके अतिरिक्त नालसा जागृति—ग्रामीण स्तर पर न्याय संबंधी जागरूकता, सूचना एवं पारदर्शिता, राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0, नालसा आपदा पीड़ितों को विधिक सेवाएं योजना, 2010 सहित समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए उपलब्ध विभिन्न विधिक सेवा योजनाओं की जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान कृषि विभाग के प्रतिनिधि ने भी टीम के साथ भाग लिया तथा किसानों एवं ग्रामीण निवासियों को कृषि से संबंधित विभिन्न योजनाओं, सरकारी सुविधाओं एवं लाभों के बारे में जानकारी प्रदान की।
इसी क्रम में पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी आरसेटी) के प्रतिनिधि ने भी जागरूकता अभियान में भाग लेते हुए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्वरोजगार के अवसरों, वित्तीय जागरूकता तथा आजीविका एवं उद्यमिता विकास से संबंधित योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी।
इस संयुक्त जागरूकता अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को कानूनी सेवाओं के साथ-साथ कृषि, स्वरोजगार, आजीविका विकास एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उनके घर-द्वार तक पहुंचाई गई। लाभार्थियों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान को ग्रामीणों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और कानूनी जागरूकता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचाया गया।






