कुरुक्षेत्र 29 सितंबर,2026 (संजीव शर्मा): जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल के मार्गदर्शन में डीएलएसए द्वारा एसएमबी गीता सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुरुक्षेत्र में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बालकों का लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम 2012 (पॉक्सो अधिनियम) के उद्देश्य, प्रमुख प्रावधानों एवं बच्चों को उपलब्ध कानूनी संरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के शोषण, दुर्व्यवहार अथवा लैंगिक अपराध की स्थिति में तत्काल इसकी सूचना संबंधित अभिभावकों, शिक्षकों, पुलिस अथवा सक्षम प्राधिकरण को देने के लिए जागरूक किया गया।
सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नालसा (बच्चों के लिए बाल-मित्रवत विधिक सेवाएं) योजना 2024 के बारे में भी जानकारी दी गई। जरूरत पड़ने पर बच्चों को नि:शुल्क विधिक सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध करवाने के लिए विधिक सेवा संस्थाएं कार्यरत हैं। कार्यक्रम में नालसा (मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को विधिक सेवाएं) योजना 2024 तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। उन्हें दिव्यांगजनों के अधिकार, समानता, सम्मान एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर नालसा नशा-मुक्त भारत के लिए ड्रग जागरूकता एवं कल्याण नेविगेशन योजना, 2025 के संबंध में भी जागरूकता प्रदान की गई। विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशे से दूर रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर उचित सहायता एवं परामर्श प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके अतिरिक्त मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 की धारा 27 के अंतर्गत उपलब्ध अधिकारों एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस, शिक्षा के अधिकार तथा बच्चों की शिक्षा से जुड़े अधिकारों एवं संरक्षण संबंधी प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व तथा बाल श्रम एवं बाल शोषण के विरुद्ध जागरूक किया गया। साथ ही विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस के संदर्भ में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण एवं जनस्वास्थ्य के बीच संबंध के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने तथा समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध नि:शुल्क कानूनी सहायता एवं विधिक सेवाओं के बारे में भी बताया गया तथा विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने विभिन्न कानूनी विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा उन्हें अपने परिवार एवं समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।





