Sunday, October 11, 2026
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आगजनी की घटनाओं पर सेटेलाइट के माध्यम से रखी जा रही है सीधी निगरानी:विश्राम कुमार मीणा

कुरुक्षेत्र, 3 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा):  उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि आगजनी की घटनाओं पर सेटेलाइट के माध्यम से सीधी निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति अपने खेतों में पराली में आग लगाता है तो तुरंत इसकी सूचना सेटेलाइट के माध्यम से अधिकारियों के पास पहुंच जाती है, जिस पर अधिकारी खेतों में पहुंच कर कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को कार्रवाई के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं ताकि पर्यावरण दूषित होने से बच सके और किसानों की भूमि की उपजाऊ शक्ति नष्ट न हो। इसके साथ ही मित्र कीटों को नुकसान न पहुंचे तथा राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके तथा भविष्य में बच्चों व आमजन के स्वास्थ्य पर प्रभाव ना पहुंचे। इसके लिए एनजीटी ने दिशा निर्देश जारी कर पराली में आग ना लगाने बारे आदेश जारी किए गए हैं।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि किसानों को जागरूक करने एवं आगजनी की घटनाओं की मॉनिटरिंग के लिए सम्बन्धित उप मण्डल अधिकारी (नागरिक) की अध्यक्षता में उप मंडल वाइज टीम गठित की गई है, जिसमें तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, सम्बन्धित थाना प्रभारी एवं कृषि विभाग के अधिकारी शामिल है। सभी 417 गांव के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए है। सभी खंड स्तरों पर अधिकारियों की टीमों का गठन कर दिया गया है, जिसमें कृषि विभाग, पुलिस एवं पंचायत विभाग के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने खेतों में पराली में आग लगाता है तो उसकी सूचना सीधे राजस्व विभाग के माध्यम से पटवारियों को भेजकर उनके फॉर्म रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज करने बारे आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति पराली में आगजनी की सूचना पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी दे सकता है ताकि मामले में त्वरित कार्रवाई की जा सकें। उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय व एनजीटी के निर्देशानुसार यदि किसी थाना के क्षेत्र में पराली की आगजनी की घटनाएं पाई जाती है तो सम्बन्धित थाना प्रभारी / चौंकी ईंचार्ज जिम्मेवार होंगे। इसके अतिरिक्त सभी शिक्षक स्कूल में प्रात: होने वाली प्रार्थना सभाओं में बच्चों को धान के अवशेषों के जलाने से होने वाले नुकसान बारे में जागरूक करें।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कुरुक्षेत्र के उप निदेशक डा. गिरीश नागपाल ने कहा कि जिले में पराली प्रबंधन के लिए पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध है। अत: किसानों से अनुरोध है कि अधिक से अधिक संख्या में मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर (इन-सीटु एवं एक्स-सीटु) पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ लें तथा आगजनी की घटनाओं को पूर्ण विराम लगाएं। किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि पराली में बिल्कुल भी आग न लगाए। इसे इन-सीटु मैनेजमेंट के माध्यम से खेतों में मिलाए और अपनी भूमि की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाए। इसके साथ-साथ पराली की गांठे बनाकर जिला में स्थित विभिन्न फैक्ट्रियों में बेचकर मुनाफा कमाए।

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