एथलेटिक्स में भारत ने जीते 5 गोल्ड, 3 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल; निशानेबाज मनीष नरवाल ने लॉस एंजिल्स पैरालंपिक का कोटा किया हासिल
नारिया, 21अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): एशियाई पैरा खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। एथलेटिक्स में भारत ने पांच स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किए। इसके अलावा निशानेबाजी में एक रजत और एक कांस्य, पावरलिफ्टिंग में एक रजत, टेबल टेनिस में ऐतिहासिक पांच कांस्य तथा तैराकी में दो कांस्य पदक भारत की झोली में आए। निशानेबाज मनीष नरवाल ने रजत पदक जीतने के साथ ही 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक के लिए कोटा भी हासिल कर लिया।
निषाद कुमार ने एशियाई रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण
पुरुषों की हाई जंप टी-47 स्पर्धा में निषाद कुमार ने 2.04 मीटर की छलांग लगाकर नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। यह इन खेलों में उनका दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले वह लंबी कूद में भी स्वर्ण जीत चुके हैं।
डिस्कस थ्रो एफ-44/64 स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों पदक अपने नाम किए। देवेंद्र कुमार ने 49.71 मीटर की दूरी तक चक्का फेंककर स्वर्ण पदक जीता, जबकि राकेश ने रजत और प्रदीप कुमार ने कांस्य पदक हासिल किया।
डिस्कस थ्रो एफ-51/52/53 वर्ग में प्रणव सूरमा ने 11.66 मीटर की थ्रो के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। राम रतन सिंह ने 10.35 मीटर की थ्रो के साथ रजत पदक अपने नाम किया।
सिमरन और दीप्ति ने भी दिलाया गोल्ड
महिलाओं की 200 मीटर टी-12 दौड़ में सिमरन ने 24.80 सेकंड के समय के साथ नया रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता। डोपिंग विवाद के बाद नए गाइड के साथ दौड़ने के बावजूद उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसी स्पर्धा में तेजलबेन डामोर ने कांस्य पदक हासिल किया।
महिलाओं की 400 मीटर टी-20 दौड़ में दीप्ति जीवनजी ने 56.36 सेकंड का समय निकालकर लगातार दूसरी बार एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की।
पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ-53/54 स्पर्धा में प्रदीप कुमार ने 27.45 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर रजत पदक जीता, जबकि आयुष वर्मा ने 17.88 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
मनीष नरवाल ने पेरिस के बाद लॉस एंजिल्स पैरालंपिक की ओर बढ़ाए कदम
निशानेबाजी में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच-1 स्पर्धा के फाइनल में मनीष नरवाल ने 233.7 अंक हासिल कर रजत पदक जीता। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक के लिए भारत का कोटा भी पक्का कर लिया।
महिलाओं की इसी स्पर्धा में पहली बार हिस्सा ले रहीं सृष्टि अरोड़ा ने 214.7 अंक हासिल करके कांस्य पदक जीता।
पावरलिफ्टिंग के 65 किलोग्राम वर्ग में अशोक कुमार मलिक ने 192 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया। पिछली बार उन्होंने कांस्य पदक जीता था। वहीं, 72 किलोग्राम वर्ग में झंडू कुमार पांचवें स्थान पर रहे। महिलाओं के 61 किलोग्राम वर्ग में सुमन देवी छठे और सीमा रानी सातवें स्थान पर रहीं।
टेबल टेनिस में भारत के नाम ऐतिहासिक उपलब्धि
टेबल टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों ने इतिहास रचते हुए कुल पांच कांस्य पदक जीते। रवी बेबी साहना ने क्लास-9 और प्राची पांडे ने क्लास-6 की स्टैंडिंग स्पर्धाओं में पदक जीतकर इस वर्ग में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव प्राप्त किया।
इसके अलावा व्हीलचेयर वर्ग में भाविना पटेल (क्लास 4-5), सोनलबेन पटेल (क्लास 3) और जहान मदान (क्लास 1) ने अपने-अपने वर्गों में कांस्य पदक जीते। इस तरह भारतीय खिलाड़ियों ने टेबल टेनिस में पांच पदक जीतकर नया इतिहास बनाया।
तैराकी में हिमांशु और निरंजन ने जीते कांस्य
तैराकी में दृष्टिबाधित खिलाड़ी हिमांशु नंदल ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस-11 स्पर्धा में 5 मिनट 10.91 सेकंड का समय लेकर कांस्य पदक जीता।
निरंजन मुकुंदन ने 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले एसएम-7 स्पर्धा में 2 मिनट 57.01 सेकंड का समय दर्ज करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। वहीं, रवि कार्तिक बुडिगिना 400 मीटर फ्रीस्टाइल में पांचवें और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में छठे स्थान पर रहे।
भारतीय खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने एशियाई पैरा खेलों में देश की पदक तालिका को मजबूती दी है। एथलेटिक्स से लेकर निशानेबाजी, तैराकी और टेबल टेनिस तक खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत का शानदार प्रदर्शन किया।






