हैदराबाद, 21 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए 2 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। हैदराबाद के गोशामहल पुलिस स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में रिक्त पदों को वर्ष 2028 तक भरने का लक्ष्य भी रखा। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
होमगार्ड के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने होमगार्ड कर्मियों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में मिलने वाली अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की बात कही। इस कदम का उद्देश्य कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले होमगार्ड कर्मियों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
कार्यक्रम के दौरान रेवंत रेड्डी ने पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और पुलिस परेड की सलामी ली। उन्होंने पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को याद करते हुए राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
2028 तक पुलिस विभाग में रिक्त पद भरने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में खाली पड़े पदों को भरने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन जरूरी हैं। रिक्त पदों पर भर्ती से पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव कम करने, जांच प्रक्रिया को गति देने और नागरिकों को बेहतर सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
रेवंत रेड्डी ने राज्य में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के 110 पदों पर भर्ती का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे तेलंगाना में पुलिस भर्ती के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बताया। हालांकि, इन पदों की भर्ती प्रक्रिया, नियुक्तियों की समय-सीमा और विभागवार रिक्तियों के विस्तृत आंकड़ों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता पर जोर
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि पीड़ितों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े और कानून के अनुसार उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई हो। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए पुलिस की जवाबदेही तथा संवेदनशील व्यवहार को महत्वपूर्ण बताया गया।
युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील
रेवंत रेड्डी ने युवाओं में नशे की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए पुलिस विभाग को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाना केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज और परिवारों के भविष्य से भी जुड़ा मुद्दा है।
नशे की तस्करी और अवैध कारोबार पर कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं में जागरूकता बढ़ाने, रोकथाम के उपायों को मजबूत करने और जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराने पर भी ध्यान देना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने राज्य में सुरक्षित वातावरण बनाने और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
पुलिस स्मृति दिवस का महत्व
भारत में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिवस 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए 10 भारतीय पुलिसकर्मियों की स्मृति में मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में पुलिस बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
तेलंगाना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों को याद करने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण, भर्ती, कानून-व्यवस्था तथा जनसुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का प्रभाव उनके औपचारिक सरकारी आदेशों, पात्रता संबंधी नियमों और भर्ती प्रक्रिया के कार्यान्वयन से स्पष्ट होगा।






