चंडीगढ़, 22 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जलघर, बूस्टिंग स्टेशन और पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा, सभी जलघरों और बूस्टिंग स्टेशनों के तल आरसीसी से बनाए जा रहे हैं, ताकि इनमें से पानी का रिसाव न हो सके।
मुख्यमंत्री बुधवार को चंडीगढ़ में हाई पावर्ड परचेज कमेटी और हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, जन स्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा और सिंचाई मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी भी उपस्थित थीं।
जन स्वास्थ्य विभाग के 13 कार्यों के लिए 399.85 करोड़ रुपये मंजूर
मुख्यमंत्री ने जन स्वास्थ्य विभाग के लगभग 419.34 करोड़ रुपये के 13 कार्यों को 399.85 करोड़ रुपये की राशि से करवाने की मंजूरी दी। इन कार्यों में 19.49 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इनमें सीआईपीपी तकनीक के माध्यम से सीवरेज लाइनों की मरम्मत के कार्य भी शामिल हैं। इस आधुनिक तकनीक से सीवरेज लाइन की खुदाई करने की जरूरत नहीं पड़ती और चालू लाइन के अंदर से ही उसकी मरम्मत की जाती है।
रोहतक शहर में गांधी नगर से मुख्य झज्जर रोड तक बड़ी सीवरेज लाइन की स्पाइरल लाइनिंग और आरसीसी का कार्य करने पर 15.90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, अन्य खराब सीवरेज लाइनों की मरम्मत और नवीनीकरण पर 17.25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसी तरह सिंहपुरा में सीवरेज लाइन को आरसीसी करने पर 16 करोड़ रुपये और सुखपुरा चौक, रोहतक में सीवरेज लाइन की मरम्मत पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अंबाला के शहजादपुर में 48 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज लाइन बिछाने, 3 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाने, पेयजल लाइन बिछाने और अन्य कार्य किए जाएंगे। इसी तरह, यमुनानगर जिले के जगाधरी शहर में 24 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज लाइन का पुनर्निर्माण और नई लाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा, धनौरी में नहर आधारित जलघर के लिए नहर का निर्माण, 2 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाने और अन्य कार्यों पर 42.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बैठक में रतिया शहर के मुख्य जलघर के टैंक के तल को आरसीसी से बनाने और अन्य कार्यों के लिए 31.50 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई। हिसार शहर में 10 एमएलडी क्षमता के एसटीपी के साथ इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन के कार्यों पर 33.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
कैमरी गांव में 54 करोड़ रुपये की लागत से नया जलघर बनाने, बूस्टिंग स्टेशन स्थापित करने, जलघरों के टैंकों को आरसीसी से बनाने और 2 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाने सहित अन्य कार्यों को मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री ने पंचकूला स्थित जन स्वास्थ्य विभाग की इमारत को गिराकर नई इमारत बनाने की मंजूरी दी। इस पर 58.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी तरह, महाग्राम योजना के तहत नूंह जिले के घासेड़ा गांव में सीवरेज सुविधाओं के साथ एसटीपी का निर्माण किया जाएगा। इस पर 17.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। महेंद्रगढ़ जिले के आसारावास गांव में 5 एमएलडी क्षमता का जलघर बनाया जाएगा, जिसके निर्माण पर 25.49 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
पंचकूला में 18.40 करोड़ रुपये से बनेगी लोकायुक्त की इमारत
पंचकूला में लगभग 18.40 करोड़ रुपये की लागत से लोकायुक्त की इमारत बनाई जाएगी, जबकि अंबाला में टीबी अस्पताल का निर्माण 22.80 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। इसी तरह, करनाल में रेस्ट हाउस के निर्माण पर 29.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
चरखी दादरी के पिचोपा गांव में 11.60 करोड़ रुपये की लागत से खेल स्टेडियम बनाया जाएगा। इसमें सिंथेटिक ट्रैक भी शामिल होगा। इसके अलावा, भालोठ सब ब्रांच में पुल और आरसीसी संरचना के निर्माण कार्य को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में अकादमिक ब्लॉक के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई। इसके निर्माण पर 54.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 224 बिस्तरों वाला छात्रावास बनाने के कार्य को भी मंजूरी दी गई। इसके निर्माण पर 14.50 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण की इमारत को मंजूरी
एमडीसी सेक्टर-5, पंचकूला में राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण की इमारत बनाई जाएगी। इस पर 16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा, पंचकूला में सिंह नाला और बेल फैक्ट्री से भगवान परशुराम चौक तक दो स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाने के कार्य को भी मंजूरी दी गई। इन कार्यों पर लगभग 34.30 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इसी तरह, गुरुग्राम के चंदू बुढ़ेड़ा स्थित जलघर में 100 एमएलडी क्षमता का स्वचालित जल उपचार संयंत्र और स्वच्छ पानी के भंडारण की व्यवस्था बनाने के कार्य पर 49.50 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई।
वेयरहाउस, सड़क और कन्वेंशन सेंटर के कार्यों को भी मंजूरी
बैठक में हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और बिजली वितरण निगम के कई अन्य कार्यों को भी मंजूरी दी गई।
चीका, ढांडूर, हांसी और जुलाना में वेयरहाउसिंग के गोदाम बनाने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा, भिवानी, जींद और करनाल में एनएच-709 के शेष हिस्से का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।
आईएमटी सोहना में पांच एकड़ जमीन पर कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। इसमें ऑडिटोरियम, दुकानें, 50 कमरों वाला होटल और पार्किंग स्थल शामिल होंगे। इसके निर्माण पर 51 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा, गुरुग्राम-पटौदी रोड को गाडौली के रास्ते द्वारका एक्सप्रेसवे तक अपग्रेड करने और मजबूत बनाने का कार्य 30.85 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल यादव, ईआईसी देवेंद्र दहिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






