Wednesday, November 4, 2026
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एन.सी.ई.आर.टी. ने कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए पेश किया ए.आई. और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग मॉड्यूल, नैतिक व सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एन.सी.ई.आर.टी.) ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) पर एक प्रारंभिक मॉड्यूल प्रस्तुत किया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक सोच, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें एआई तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए तैयार करना है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप है।

डिजिटल उपकरणों के बिना भी कर सकेंगे अभ्यास

एन.सी.ई.आर.टी. के अनुसार, यह मॉड्यूल गतिविधि-आधारित और व्यावहारिक शिक्षण पद्धति पर केंद्रित है। इसमें चर्चा, प्रयोग, अभ्यास और विचार-विमर्श के माध्यम से विद्यार्थियों को समस्याओं का व्यवस्थित तरीके से विश्लेषण करना सिखाया जाएगा। इसकी खास बात यह है कि स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों के अनुसार गतिविधियां डिजिटल उपकरणों के साथ या उनके बिना भी कराई जा सकती हैं।

ए.आई. की गलत जानकारी और डेटा सुरक्षा पर विशेष ध्यान

मॉड्यूल में केवल एआई तकनीक की समझ विकसित करने तक सीमित रहने के बजाय उसके सुरक्षित और नैतिक उपयोग को भी प्राथमिकता दी गई है। इसमें डेटा गोपनीयता, डिजिटल सुरक्षा, निष्पक्षता, समावेशिता और एआई से तैयार जानकारी की तथ्य-जांच जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। विद्यार्थियों को भ्रामक या नुकसानदायक सामग्री की पहचान करने, निजी जानकारी सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर किसी विश्वसनीय वयस्क की सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

आधार और यू.पी.आई. के उदाहरणों से समझेंगे तकनीक

विद्यार्थियों को भारतीय संदर्भ में तकनीक की भूमिका समझाने के लिए आधार और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जैसे उदाहरण भी शामिल किए गए हैं। इसके माध्यम से उन्हें डिजिटल प्रणालियों के उपयोग और तकनीक से जुड़े व्यापक सामाजिक प्रभावों को समझने का अवसर मिलेगा।

एन.सी.ई.आर.टी. के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने मॉड्यूल की प्रस्तावना में जिम्मेदार तकनीकी उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा और एआई से प्राप्त महत्वपूर्ण सूचनाओं की पुष्टि करने की आवश्यकता पर बल दिया है। यह मॉड्यूल विद्यार्थियों को एआई के अवसरों के साथ उसकी सीमाओं और संभावित जोखिमों को समझने में मदद करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

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