पटियाला, 26 अक्टूबर 2026 (जगजीत सिंह): कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से कृषि अधिकारी डॉ. रणजोध सिंह बैंस के नेतृत्व में सरकारी हाई स्कूल मंडोली में पराली के अवशेषों को आग लगाने के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता शिविर लगाया गया। इस अवसर पर कृषि विकास अधिकारी डॉ. अनुराग अत्री ने विद्यार्थियों को पराली जलाने से पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य, भूमि की उर्वरता और खेती के लिए लाभकारी जीवों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
डॉ. अनुराग अत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों सहित कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसके अलावा, पराली जलाने से जमीन में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों और मित्र कीटों को नुकसान पहुंचता है तथा मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे स्वयं पराली न जलाने का संकल्प लें और अपने माता-पिता, रिश्तेदारों तथा आसपास के किसानों को भी पराली का उचित प्रबंधन करने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि पराली को आग लगाने के बजाय कृषि मशीनरी की सहायता से खेतों में ही उसका प्रबंधन करना चाहिए, ताकि पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता भी बरकरार रखी जा सके।

इस अवसर पर कृषि विभाग के कृषि सब-इंस्पेक्टर श्री बलजिंदर सिंह भी उपस्थित थे। स्कूल की मुख्य अध्यापिका श्रीमती हरमिंदर कौर तथा शिक्षक श्री जगदीप सिंह, श्री अमित शर्मा, श्रीमती गगनजोत कौर, श्री एल्बर्ट, श्रीमती जसप्रीत कौर सहित अन्य स्टाफ सदस्यों ने इस जागरूकता गतिविधि में सहयोग दिया।






