टेक्नोलॉजी, 26 अक्टूबर, 2026 (जगजीत सिंह): गूगल ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि यूजर्स अपने निजी डेटा को व्यक्तिगत विज्ञापनों को सपोर्ट करने वाली अन्य गूगल सेवाओं के साथ साझा करने का विकल्प चुनते हैं, तो उस डेटा का इस्तेमाल टारगेटेड विज्ञापन दिखाने के लिए किया जा सकता है। इस बदलाव ने यूजर्स की निजता और एआई आधारित सेवाओं में डेटा के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले गूगल की प्राइवेसी पॉलिसी में कहा गया था कि गूगल ड्राइव, जीमेल और गूगल फोटोज़ में मौजूद यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल व्यक्तिगत विज्ञापन दिखाने के लिए नहीं किया जाएगा। लेकिन 16 अक्टूबर को किए गए संशोधन में एक अपवाद जोड़ा गया है। इसके मुताबिक, यदि यूजर्स इन सेवाओं के डेटा को व्यक्तिगत विज्ञापनों को सपोर्ट करने वाली अन्य गूगल सेवाओं के लिए उपलब्ध कराने का विकल्प चुनते हैं, तो इस डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ए.आई मोड से जुड़े अकाउंट्स पर पड़ सकता है असर- गूगल के ए.आई. मोड और सर्च से जुड़ी व्यक्तिगत बुद्धिमत्ता सुविधाओं को यूजर्स को अधिक व्यक्तिगत और संदर्भ के अनुरूप जवाब देने के लिए विभिन्न सेवाओं की जानकारी से जोड़ा जा सकता है। ऐसे मामलों में यह देखना महत्वपूर्ण है कि यूजर ने किन सेवाओं को जोड़ा है और डेटा साझा करने के लिए कौन-कौन सी अनुमतियां दी हैं।
हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि हर जीमेल, गूगल ड्राइव या गूगल फोटोज़ यूजर का डेटा अपने आप विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। डेटा का वास्तविक इस्तेमाल यूजर की पसंद, अकाउंट की सेटिंग्स और संबंधित सेवा की शर्तों पर निर्भर करता है।
यूजर्स अपनी प्राइवेसी की जांच कैसे करें?- यूजर्स अपने गूगल खाता की पराईवेसी और Ads सेटिंग्स की जांच कर सकते हैं। इसके साथ ही ए.आई मोड या अन्य एआई सुविधाओं से जुड़ी ऐप्स और डेटा तक पहुंचने की अनुमतियों को भी देखना चाहिए।
किसी सेवा को अपने डेटा तक पहुंचने की अनुमति देने से पहले उसकी शर्तों को ध्यान से पढ़ना निजी जानकारी पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद कर सकता है।