अहमदाबाद, 27 अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल के हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक नंबर 200 में शिफ्ट किए जाने संबंधी रिपोर्टें सामने आई हैं। इस ब्लॉक को ‘200 खोली’ के नाम से भी जाना जाता है। बताया जाता है कि यहां गंभीर अपराधों और आतंकवाद से जुड़े मामलों के कैदियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा जाता है। हालांकि, इस बदलाव के संबंध में जेल प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
सीमित आवाजाही और कड़ी निगरानी के इंतजाम
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक नंबर 200 को चार हिस्सों में बांटा गया है और प्रत्येक हिस्से में 50 कैदियों के रहने की व्यवस्था बताई जाती है। लॉरेंस बिश्नोई की कोठरी का आकार लगभग 7.5 गुणा 11 फीट बताया गया है। इन व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य कैदियों की आवाजाही को सीमित करना और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखना बताया जाता है।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इससे पहले बिश्नोई को ‘10 खोली’ के नाम से जाने जाने वाले हाई-सिक्योरिटी हिस्से में रखा गया था।
जेल से गतिविधियां चलाने के आरोपों के कारण चर्चा
लॉरेंस बिश्नोई पर पिछले कुछ समय से जेल के भीतर से फोन के जरिए धमकियां देने और अपने कथित गिरोह की गतिविधियों से जुड़े रहने के आरोप लगते रहे हैं। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों और कथित नेटवर्क की भी जांच करती रही हैं।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक में कैदियों के बाहरी संपर्क और आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध हैं। हालांकि, बिश्नोई की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था और उसके संचार के साधनों से संबंधित इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
विदेशों में कथित नेटवर्क की भी जांच
विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया जाता रहा है कि बिश्नोई के कथित गिरोह से जुड़े कुछ लोग विदेशों में रहकर नेटवर्क की गतिविधियां संचालित करते हैं। इन गतिविधियों में नए सदस्यों को जोड़ना, आपसी तालमेल बनाए रखना और संपर्क स्थापित करना शामिल होने के दावे किए गए हैं।
इसके अलावा, उसकी निजी दिनचर्या और जेल में रहने के तौर-तरीकों को लेकर भी कई जानकारियां सामने आई हैं, लेकिन इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल, लॉरेंस बिश्नोई को ब्लॉक नंबर 200 में शिफ्ट किए जाने की खबर और उसकी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अंतिम पुष्टि के लिए जेल प्रशासन के आधिकारिक बयान का इंतजार करना जरूरी है।