पटियाला, 30 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में विश्व स्ट्रोक दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और लोगों से स्ट्रोक की बीमारी के प्रति जागरूक होने की अपील की।
समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि विश्व स्ट्रोक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य इस बीमारी के बढ़ते मामलों और इसके कारण शरीर को होने वाले गंभीर नुकसानों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि स्ट्रोक, जिसे आम भाषा में लकवा या पक्षाघात कहा जाता है, किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। इस बीमारी के कारण शरीर के किसी हिस्से की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और गंभीर स्थिति में मरीज की मृत्यु भी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि स्ट्रोक के मामले में समय पर इलाज बेहद महत्वपूर्ण है। यदि किसी मरीज में स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें, तो उसे बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचाना चाहिए, क्योंकि तुरंत उपचार से शरीर के अंगों को होने वाले स्थायी नुकसान और दिव्यांगता के खतरे को कम किया जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा गैर-संचारी रोगों (नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज) की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग कार्यक्रम (एनसीडी प्रोग्राम) के तहत जमीनी स्तर पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों में इन बीमारियों की रोकथाम, समय पर पहचान और बेहतर उपचार के लिए नए प्रयास किए जा रहे हैं तथा शोध कार्यों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को बीमारियों की समय पर पहचान की सुविधा देने के साथ-साथ उचित और किफायती उपचार उपलब्ध करवाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करें, ताकि समय पर उपचार करवाकर गंभीर जटिलताओं से बचा जा सके।






