प्रोजेक्ट सनकैचर के तहत बड़ी तकनीकी उपलब्धि; जेम्मा-4 मॉडल से अंतरिक्ष पर लिखवाई कविता, 2027 में दो सैटेलाइट को जोड़ने की तैयारी
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): गूगल ने अंतरिक्ष में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयोग किया है। कंपनी ने पृथ्वी की कक्षा में मौजूद एक प्रोटोटाइप सैटेलाइट पर AI मॉडल चलाकर उसका पूरा जवाब पृथ्वी पर प्राप्त किया है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इसे प्रोजेक्ट सनकैचर का पहला बड़ा मील का पत्थर बताते हुए ‘हैलो वर्ल्ड’ नाम दिया है।
इस परीक्षण में सैटेलाइट पर मौजूद टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट (TPU) के माध्यम से जेम्मा-4 AI मॉडल चलाया गया। ग्राउंड स्टेशन से मॉडल को अंतरिक्ष पर एक छोटी कविता (हाइकू) लिखने का निर्देश दिया गया। सैटेलाइट ने जवाब तैयार किया और नॉर्वे के स्वालबार्ड क्षेत्र के ऊपर से गुजरते समय उसे पृथ्वी पर भेजा।
क्या है प्रोजेक्ट सनकैचर?
गूगल का प्रोजेक्ट सनकैचर एक रिसर्च पहल है, जिसके तहत अंतरिक्ष में AI कंप्यूटिंग सिस्टम विकसित करने की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। कंपनी का उद्देश्य यह जांचना है कि क्या कई सैटेलाइट को आपस में जोड़कर अंतरिक्ष में बड़े स्तर पर AI वर्कलोड संचालित किए जा सकते हैं।
अगला लक्ष्य 2027 में दो सैटेलाइट को जोड़ना
गूगल अब अंतरिक्ष के अत्यधिक तापमान और रेडिएशन का TPU चिप्स पर पड़ने वाले प्रभाव का परीक्षण करेगा। कंपनी की योजना 2027 में दो सैटेलाइट को आपस में जोड़ने के अगले चरण पर काम करने की है।
गूगल का मानना है कि पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में सौर ऊर्जा की बेहतर उपलब्धता भविष्य में अंतरिक्ष आधारित कंप्यूटिंग को नई संभावनाएं दे सकती है। हालांकि, इसके लिए चिप्स की विश्वसनीयता, ऊर्जा प्रबंधन, संचार और रखरखाव जैसी तकनीकी चुनौतियों का समाधान करना अभी बाकी है।
यह प्रयोग फिलहाल शुरुआती शोध चरण में है, लेकिन इससे भविष्य में अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर स्थापित करने की संभावनाओं को बल मिला है।






