पी.एम. मोदी की दिसंबर में प्रस्तावित कनाडा यात्रा से पहले तेज हुई बातचीत, 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 70 अरब डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): भारत और कनाडा अपने बीच सुधरते कूटनीतिक संबंधों को मजबूत आर्थिक साझेदारी में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देश इस वर्ष के अंत तक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को अंतिम रूप देने के प्रयासों में जुटे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर में प्रस्तावित कनाडा यात्रा से पहले इस समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है।
इस मुद्दे पर 30 अक्टूबर को अटलांटा में आयोजित जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के बीच चर्चा हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने बातचीत में हुई प्रगति पर संतोष जताया और साझा रोडमैप के तहत व्यापारिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
प्रस्तावित CEPA का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के साथ-साथ निवेश को बढ़ावा देना है। कनाडा ने वर्ष 2030 तक भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 70 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
कनाडा सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार 13.6 अरब डॉलर रहा, जबकि वस्तुओं और सेवाओं को मिलाकर कुल व्यापार 30.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया था।
2015 में शुरू हुई थी समझौते की बातचीत
भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते को लेकर पहली बार वर्ष 2015 में बातचीत शुरू हुई थी। शुरुआती दौर में कई बैठकें हुईं, लेकिन वार्ता की धीमी गति के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। मार्च 2022 में इसे दोबारा शुरू किया गया, मगर सितंबर 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में तनाव पैदा हो गया और बातचीत रोक दी गई।
इसके बाद संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास शुरू हुए। नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात में नए CEPA के लिए औपचारिक वार्ता शुरू करने पर सहमति बनी थी। इस समझौते को लेकर पांचवें दौर की बातचीत 5 से 9 अक्टूबर तक ओटावा में आयोजित की गई।
कई महत्वपूर्ण व्यापारिक क्षेत्रों को मिलेगा बढ़ावा
प्रस्तावित समझौते में वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार, उत्पादों के मूल स्थान से जुड़े नियम, बौद्धिक संपदा अधिकार, स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता संबंधी उपाय और व्यापार में तकनीकी बाधाओं जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
दोनों देशों के मंत्रियों ने भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी में आई तेजी का स्वागत किया। इसमें 13 और 14 अक्टूबर को अनीता आनंद की भारत यात्रा तथा पिछले एक वर्ष के दौरान हुए अन्य उच्चस्तरीय संपर्कों को महत्वपूर्ण बताया गया।
दोनों पक्षों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर में प्रस्तावित कनाडा यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी। इस यात्रा से पहले व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी रखने और नियमित संपर्क बनाए रखने पर भी सहमति बनी है।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में पैदा हुए कूटनीतिक तनाव के बाद भारत और कनाडा अब आपसी विश्वास बहाल करने के साथ आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में CEPA समझौता दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है।






