मंत्रिमंडल ने हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन नियम, 2026 को दी मंजूरी; प्रत्येक सेवा श्रेणी के लिए अलग पंजीकरण जरूरी
हरियाणा, 4 नवंबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा सरकार प्रदेश के युवाओं को विदेश में नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर ठगी करने वाले तथा अवैध तरीके से विदेश भेजने वाले लोगों से बचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने जा रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन अधिनियम, 2025’ के तहत ‘हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन नियम, 2026’ को मंजूरी प्रदान की गई।
इन नियमों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को धोखाधड़ी करने वाले ट्रैवल एजेंटों, अवैध विदेशी भर्ती, मानव तस्करी और डंकी रूट जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों से बचाना तथा ट्रैवल एजेंटों के कारोबार में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
नए नियमों के तहत प्रदेश में ट्रैवल एजेंट का कारोबार करने वाले सभी नए और पहले से काम कर रहे एजेंटों के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। प्रत्येक नए कार्यालय या शाखा के लिए अलग पंजीकरण करवाना होगा। इसी प्रकार, प्रत्येक सेवा श्रेणी के लिए भी अलग-अलग पंजीकरण जरूरी होगा। इनमें पासपोर्ट सेवाएं, टूर एवं ट्रैवल एजेंसी सेवाएं, स्टडी वीजा कंसल्टेंसी और टिकटिंग सेवाएं शामिल हैं।
वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक सेवा श्रेणी के पंजीकरण हेतु 5,000 रुपये फीस निर्धारित की गई है। पंजीकरण से पहले प्रत्येक आवेदक का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा, ताकि इस कारोबार से जुड़े व्यक्तियों की पृष्ठभूमि की जांच सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सक्षम अधिकारी द्वारा 30 दिनों के भीतर पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र तीन वर्षों के लिए मान्य रहेगा। आम नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए एजेंटों को क्यूआर कोड वाले डिजिटल पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। नागरिक क्यूआर कोड स्कैन करके संबंधित एजेंट के पंजीकरण की वास्तविकता और वैधता अवधि की जांच कर सकेंगे।
इसके अलावा, पंजीकृत ट्रैवल एजेंटों की जिलावार सूची और उनके पंजीकरण प्रमाणपत्र अंत्योदय सरल पोर्टल के साथ-साथ गृह विभाग और पुलिस विभाग की सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध करवाए जाएंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति एजेंट के पंजीकरण से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सके।
नियमों के अनुसार, प्रत्येक पंजीकृत एजेंट को अपने कार्यालय के अंदर और बाहर पंजीकरण नंबर तथा प्रमाणपत्र जारी होने और समाप्त होने की तिथि प्रदर्शित करनी होगी। इसके अलावा, अपने विज्ञापनों, वेबसाइट और अन्य ऑनलाइन पोर्टलों पर भी पंजीकरण नंबर लिखना अनिवार्य होगा।
इन नियमों से ट्रैवल एजेंटों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और युवाओं को अवैध विदेशी भर्ती तथा मानव तस्करी जैसी गतिविधियों से बचाने में मदद मिलेगी।






