Wednesday, November 4, 2026
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पराली प्रबंधन में सहकारिता विभाग की अहम भूमिका

किसान पराली जलाने के बजाय आधुनिक कृषि मशीनरी और सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं – संग्राम सिंह संधू
पटियाला, 4 नवंबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): जिला पटियाला में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए सहकारिता विभाग द्वारा जमीनी स्तर पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जिले की प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को इस अभियान का अहम हिस्सा बनाया गया है, ताकि किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ इसके वैकल्पिक प्रबंधन की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा सकें।
यह जानकारी देते हुए सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार, पटियाला संग्राम सिंह संधू ने बताया कि इस अभियान के तहत सहकारी समितियों में किसान जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। समितियों की प्रबंधक कमेटियों को भी इस अभियान में शामिल करते हुए किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करने संबंधी प्रस्ताव पारित किए जा रहे हैं।
सहकारिता विभाग द्वारा किसानों की सबसे बड़ी जरूरत यानी पराली प्रबंधन के लिए कृषि मशीनरी की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत सहकारी समितियों में उपलब्ध सुपर सीडर, बेलर तथा फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित अन्य मशीनरी की सूची तैयार की जा रही है। साथ ही, समितियों में फ्लेक्स बोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि किसानों को अपने नजदीकी क्षेत्र में उपलब्ध मशीनरी और सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सके।
मशीनरी किसानों को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध करवाई जा रही है। छोटे और सीमांत किसानों को बिना किराये के सीआरएम मशीनरी उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही मशीनरी के दैनिक उपयोग की निगरानी और संबंधित पोर्टल पर इसकी रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित की जा रही है।
इस पूरे अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार, पटियाला द्वारा जिले के सभी सहायक रजिस्ट्रारों और फील्ड स्टाफ को सक्रिय किया गया है। सहायक रजिस्ट्रार अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सहकारी समितियों का दौरा कर जागरूकता गतिविधियों, मशीनरी की उपलब्धता और किसानों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की निगरानी कर रहे हैं।
संग्राम सिंह संधू ने कहा कि सहकारी समितियों का गांव स्तर पर किसानों के साथ सीधा संपर्क होता है और इसी कारण पराली प्रबंधन अभियान को सफल बनाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभाग का उद्देश्य केवल किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करना ही नहीं, बल्कि उन्हें पराली के उचित प्रबंधन के लिए आवश्यक सुविधाओं से जोड़ना भी है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग लगाने के बजाय आधुनिक कृषि मशीनरी और सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएं तथा पर्यावरण संरक्षण में अपना सहयोग दें।
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