पटियाला, 6 नवंबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल मल्टीपर्पज और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिविल लाइंस में शिक्षकों के लिए चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम का जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) ममता खुराना और डिप्टी डीईओ डॉ. रविंदरपाल शर्मा ने दौरा कर निरीक्षण किया। इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत 12 अक्टूबर से की गई थी।
इस अवसर पर शिक्षकों को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ममता खुराना ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराई से युवा पीढ़ी को बचाने के लिए शिक्षकों को अपनी भूमिका पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभानी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उनके साथ खुलकर संवाद करना, उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनना और उन्हें खेलों तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। इसके अलावा पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और तनावमुक्त वातावरण भी बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस अवसर पर डिप्टी डीईओ डॉ. रविंदरपाल शर्मा ने भी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें विद्यार्थियों की बदलती मनोवैज्ञानिक जरूरतों को समझने में भी सहायक होते हैं।
जिला नोडल अधिकारी नीरू बाला ने जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षकों ने इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भरपूर सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी शिक्षकों को स्कूलों में नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करने और विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन देने में मददगार साबित होगी।
इस अवसर पर डॉ. रमणदीप कौर (वेन्यू कोऑर्डिनेटर), मीना नारंग (वेन्यू कोऑर्डिनेटर), ललित सिंगला (वेन्यू कोऑर्डिनेटर), चमन शर्मा, इकबाल सिंह, विनोद कुमार, रश्मि शर्मा, दविंदर सिंह, युवराज अरोड़ा और अजय कुमार (बीआरसी) सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे।






