वर्जीनिया [अमेरिका], 19 नवंबर 2025 : बांग्लादेश की बेदखल पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने ढाका के प्रत्यर्पण अनुरोध को खारिज करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं और भारत को सीमा पार से बढ़ते आतंकवाद के खतरे के प्रति सचेत किया है।
एक इंटरव्यू में वाजेद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि अगस्त 2024 में उनकी मां को भारत में शरण देकर “भारत ने उनकी जान बचाई।’’ उनका दावा है कि उग्रवादी उनकी हत्या की योजना बना रहे थे।
ढाका के प्रत्यर्पण अनुरोध को बताया ‘अवैध‘
वाजेद ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर न्यायिक प्रक्रिया में गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाते हुए कहा:
* “ट्रायल से पहले 17 जजों को बर्खास्त कर दिया गया।”
* “बिना संसद की मंजूरी कानून बदल दिए गए।”
* “बचाव पक्ष के वकीलों को कोर्ट में जाने नहीं दिया गया।”
उन्होंने कहा कि जब किसी भी तरह की “ड्यू प्रोसेस” नहीं होती, तो कोई भी देश प्रत्यर्पण को स्वीकार नहीं करेगा। उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत इस अनुरोध को खारिज कर देगा।
भारत के लिए बढ़ते खतरे की चेतावनी
वाजेद ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को चिंतित कर सकने वाले आरोप लगाए। उनके अनुसार:
* अंतरिम यूनुस सरकार “दसियों हजार आतंकवादियों’’ को रिहा कर चुकी है।
* लश्कर-ए-तैयबा अब बांग्लादेश में “खुलेआम’’ काम कर रहा है।
* इसके स्थानीय नेटवर्क के भारत में हालिया आतंकी हमलों से संबंध हैं।
उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी बांग्लादेश से आने वाले आतंकवाद के खतरे को लेकर बेहद चिंतित होंगे।”
शेख हसीना की विदाई को बताया ‘साजिश‘
वाजेद ने जुलाई 2024 के छात्र आंदोलनों को “लोकलुभावन विद्रोह नहीं, बल्कि राजनीतिक तख्तापलट’’ बताया। उन्होंने माना कि शुरुआती विरोध-प्रदर्शन के दौरान उनकी सरकार से गलतियां हुईं, लेकिन बाद की घटनाओं को बाहरी हस्तक्षेप बताया।
उन्होंने पाकिस्तान की ISI पर भी आरोप लगाया कि उसने प्रदर्शनकारियों में घुसे हथियारबंद उग्रवादियों को हथियार मुहैया कराए।
अमेरिका की भूमिका पर भी सवाल
वाजेद ने दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप के बयान के अनुसार पिछली बाइडेन सरकार ने USAID के जरिए “बांग्लादेश में शासन परिवर्तन पर करोड़ों डॉलर खर्च किए।”
उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन “बढ़ते इस्लामवाद और आतंकवाद” को लेकर ज्यादा चिंतित था।
अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप
वाजेद के मुताबिक:
* “दसियों हजार राजनीतिक कैदी’’ बिना ट्रायल के जेल में हैं।
* 100 से ज्यादा पूर्व सांसद हिरासत में हैं।
* चुनाव न करवाकर यूनुस सरकार “अवैध रूप से’’ सत्ता में बनी हुई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यूनुस व उनकी छात्र-आधारित राजनीतिक पार्टी लोकप्रिय हैं, तो चुनाव क्यों नहीं करवाए गए?
उनके अनुसार सर्वे में उस पार्टी को सिर्फ 2% समर्थन मिला है।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर सफाई
शेख हसीना सरकार में भ्रष्टाचार के आरोपों पर वाजेद ने कहा:
* “भ्रष्टाचार था, लेकिन प्रणालीगत नहीं।”
* बांग्लादेश पहले दुनिया का सबसे भ्रष्ट देश था, अब शीर्ष 10 से बाहर है।
* देश LDC से उभरकर “संभावित एशियन टाइगर’’ बना, यह बड़े पैमाने के भ्रष्टाचार के साथ संभव नहीं।
अंतरिम सरकार की चुप्पी
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने:
* न्यायिक प्रक्रिया में हेरफेर,
* आतंकवादियों की रिहाई,
* राजनीतिक कैदियों की संख्या
पर वाजेद के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।






