कुरुक्षेत्र में एम्यूरेशन फार्म को डिजिटाइजेशन करने का 15 प्रतिशत कार्य पूरा,सभी मिलकर पूरा करेंगे एसआईआर का कार्य
कुरुक्षेत्र, 27 जून,2026 : जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिले में 96 प्रतिशत एम्यूरेशन फार्म वितरित किए जा चुके है। इन फार्मों को एकत्रित करने में अब बीएलए अपना योगदान देंगे। इस कार्य में एक बीएल प्रतिदिन 50 फार्म बीएलओ के पास जमा करवा सकता है। अब इन फार्मों को डिजिटाइज करने का कार्य शुरू कर दिया है। अहम पहलू यह है कि कुरुक्षेत्र जिले में अब तक 15 प्रतिशत एम्यूरेशन फार्म को डिजिटाइज्ड कर दिया गया है। जिसमें लाडवा विधानसभा में 19 प्रतिशत, शाहबाद विधानसभा में 27 प्रतिशत, थानेसर विधानसभा में 5 प्रतिशत व पिहोवा में 10 प्रतिशत एम्यूरेशन फार्म को डिजिटाइज करने का काम किया गया है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि नागरिकों को एम्यूरेशन फार्म भरने में अगर परेशानी आ रही है तो वह व्यक्ति अपने बूथ के बीएलओ का सहयोग लेकर त्रुटि रहित फार्म भर सकता है। इस एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बीएलओ 3 बार मतदाता के घर पहुंचेंगा और एम्यूरेशन फार्म बांटने के साथ साथ डिजिटाइजेशन करने का कार्य पूरा करेगा। सभी विधानसभाओं के एआरओ व ईआरओ और बीएलओ तथा बीएलए के साथ मिलकर 27, 28 व 29 जून को एम्यूरेशन फार्मों को एकत्रित करने तथा डिजिटाईज्ड करने का काम करेंगे। इस कार्य को और तेज गति के साथ पूरा करने की जरूरत है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से एम्यूरेशन फार्म को भरने, एकत्रित करने और डिजिटाइजेशन करने में सहयोग करने के लिए अपील की है। इस एसआईआर प्रक्रिया के दौरान राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त किए गए बीएलए 1 और 2 को पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ बीएलओ का सहयोग करना होगा ताकि हर बूथ पर त्रुटि रहित मतदाताओं की सूची तैयार हो सके और कम से कम आपत्तियां सामने आए। सभी के साझे प्रयासों से एक निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूचि तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस जिले में नागरिकों के सहयोग के लिए एसडीएम और डीसी कार्यालय स्तर पर हैल्प डेस्क स्थापित किए गए है। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1950 से भी मदद ली जा सकती है। अब बूथ स्तर पर गठित टीमों को प्रतिदिन का लक्ष्य और योजना बनाकर फार्मों को डिजिटाइज करने का काम करना होगा। इसके साथ ही अगर किसी व्यक्ति की शिकायत सामने आती है तो उसका तुरंत समाधान करना भी सुनिश्चित करना होगा। सभी मिलकर मेहनत और ईमानदारी के साथ अपनी डयूटी का निर्वहन करे ताकि सफल तरीके से एसआईआर का कार्य पूरा किया जा सके।






