Thursday, August 27, 2026
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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान ने भारत की एकता और अखंडता को किया मजबूत : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़, 5 जुलाई, 2026 : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने जो आवाज उठाई और जो सपना देखा था, उसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर साकार किया। आज भारतीय तिरंगा कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे गौरव के साथ लहरा रहा है।

मुख्यमंत्री रविवार को पंजाब के पठानकोट में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पठानकोट के विधायक श्री अश्विनी शर्मा, पंजाब विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री दिनेश बब्बू, पूर्व विधायक सीमा कुमारी सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पठानकोट केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत माता की उत्तरी सीमा का द्वार है। यह वीर योद्धाओं, शहीदों और देशभक्तों की भूमि है, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। यहां की मिट्टी में वीरता की सुगंध और हवा में राष्ट्रभक्ति की भावना बसती है।

उन्होंने कहा कि इतिहास कुछ महान व्यक्तित्वों को केवल पुस्तकों से नहीं, बल्कि उन पीढ़ियों के माध्यम से याद रखता है, जो उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाती हैं। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऐसे ही दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन भारत की एकता, अखंडता, आत्मसम्मान और राष्ट्रीय चेतना के लिए समर्पित कर दिया। वे केवल अपने समय के नेता नहीं थे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी एक प्रख्यात शिक्षाविद होने के साथ-साथ कुशल राजनेता भी थे।

उन्होंने कहा कि मात्र 33 वर्ष की आयु में वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बने। बंगाल के लोग उन्हें अत्यंत सम्मान और स्नेह देते थे तथा उन्हें “बंगाल का टाइगर” कहा जाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का लक्ष्य एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना था। इसी उद्देश्य से वे सार्वजनिक जीवन में आए और स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग मंत्री बने। वर्ष 1950 में जब सिद्धांत और सत्ता के बीच चयन का समय आया तो उन्होंने पद की बजाय राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी। पूर्वी पाकिस्तान से लाखों हिंदुओं और सिखों के विस्थापन तथा लियाकत-नेहरू समझौते पर असहमति जताते हुए उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। इस निर्णय से उन्होंने साबित कर दिया कि देश उनके लिए किसी भी पद से बढ़कर था।

उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नारा दिया था—”एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे।” यह केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की आवाज थी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए संघर्ष किया और बिना परमिट वहां जाने का निर्णय लिया। माधोपुर से जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करते समय उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उस समय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी भी उनके साथ थे। बाद में हिरासत के दौरान डॉ. मुखर्जी का निधन हो गया। यह केवल एक मृत्यु नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान था।

अनुच्छेद 370 हटने से डॉ. मुखर्जी का सपना हुआ साकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए डॉ. मुखर्जी ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था, वह 5 अगस्त 2019 को पूरा हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को समाप्त किया। आज भारतीय तिरंगा कश्मीर से कन्याकुमारी और अटक से कटक तक सम्मानपूर्वक लहरा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदला भारत का स्वरूप

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को नए दृष्टिकोण से देख रही है। जो देश कभी वैश्विक समस्याओं का हिस्सा माना जाता था, वही आज दुनिया को समाधान देने वाले राष्ट्र के रूप में उभरा है। यह परिवर्तन भारतीयों की मेहनत, विश्वास तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयास, समर्पण और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाखों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले हैं। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा मिली है। हरियाणा में चिरायु योजना को आयुष्मान भारत से जोड़कर स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा और विस्तृत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाया है, स्किल इंडिया ने युवाओं को कौशल प्रदान किया है और मेक इन इंडिया ने देश की औद्योगिक क्षमता को मजबूत किया है। देशभर में आधुनिक एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं, वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेनों का संचालन हो रहा है तथा हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जहां कुछ लोग केवल “आम आदमी क्लीनिक” की बात करते हैं, वहीं हरियाणा सरकार ने पूरे स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के विजन के अनुरूप हरियाणा में 17 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं और अन्य संस्थानों पर कार्य जारी है।

हरियाणा मॉडल पारदर्शी सुशासन और जनकल्याण का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन मॉडल को अपनाया है। सरकार किसी जाति, परिवार या वोट बैंक के लिए नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के विकास के लिए कार्य कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में लगभग दो लाख युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची के सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि जब वे पंजाब की ओर देखते हैं तो उन्हें चिंता और पीड़ा होती है। आज पंजाब का हर वर्ग अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहा है। युवाओं से रोजगार के वादे किए गए थे, लेकिन आज वे नशे की गिरफ्त में हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के किसानों से समृद्धि और बेहतर आय का वादा किया गया था, लेकिन आज भी वे अपनी फसलों के उचित मूल्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है, जहां सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं से आर्थिक सहायता के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी वे पूरे नहीं हुए। हरियाणा में महिलाओं को प्रतिमाह 2,100 रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों को फसल नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जा रहा है। वर्ष 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस सरकार ने फसल नुकसान के मुआवजे के रूप में केवल 1,136 करोड़ रुपये दिए थे, जबकि वर्ष 2014 से अब तक वर्तमान सरकार लगभग 16,500 करोड़ रुपये किसानों को प्रदान कर चुकी है।

पंजाब का भविष्य दिल्ली नहीं, बल्कि पंजाब के लोग तय करेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का भविष्य दिल्ली की राजनीति नहीं, बल्कि पंजाब के लोग स्वयं तय करेंगे। पंजाब के किसान, युवा, माताएं और बहनें ही राज्य की दिशा और दशा निर्धारित करेंगी।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब की जनता से सत्ता नहीं, बल्कि सेवा का अवसर मांग रही है। जनता के आशीर्वाद से पंजाब एक बार फिर “रंगला पंजाब” बनेगा। यही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव भी।

 

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