हरियाणा, 29 जुलाई,2026 (संजीव सिंगला): मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में ‘हरियाणा आबादी देह (लाल डोरा) (मालिकाना अधिकारों का निहित होना, निर्धारण और निपटारा) नियम, 2026’ को मंजूरी प्रदान की गई। ये नियम ‘हरियाणा आबादी देह (लाल डोरा) (मालिकाना अधिकारों का निहित होना, निर्धारण और निपटारा) अधिनियम, 2025’ के तहत बनाए गए हैं।
नए नियमों का उद्देश्य प्रदेश के आबादी देह यानी लाल डोरा क्षेत्रों में स्थित संपत्तियों के मालिकाना अधिकारों को दर्ज करने, निर्धारित करने और उनका समाधान करने के लिए एक प्रभावी व्यवस्था तैयार करना है। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से संपत्ति पर कब्जा रखने वाले लोगों को कानूनी अधिकार और स्पष्टता मिल सकेगी। नियमों के तहत मालिकाना अधिकार तय करने की प्रक्रिया संक्षिप्त कार्रवाई के माध्यम से पूरी की जाएगी। अधिनियम के तहत नियुक्त अधिकारियों को सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां दी जाएंगी, जिसके तहत वे संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर सकेंगे, दस्तावेज मांग सकेंगे और साक्ष्य दर्ज कर सकेंगे।
नियमों के अनुसार संपत्तियों के अधिकारों का ड्राफ्ट रिकॉर्ड तैयार कर प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित पक्षों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। पारदर्शिता बनाए रखने और सभी पक्षों के हितों की सुरक्षा के लिए अपील और पुनरीक्षण की व्यवस्था भी शामिल की गई है। यह योजना ग्रामीण आबादी क्षेत्रों के सर्वे और मैपिंग पर आधारित है। इसके लिए 8 मार्च 2019 को भारतीय सर्वेक्षण विभाग और हरियाणा सरकार के बीच हुए समझौते के बाद प्रक्रिया शुरू की गई थी। संपत्तियों की सटीक पहचान और नक्शे तैयार करने के लिए आधुनिक सर्वेक्षण तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।
सरकार के अनुसार, इस फैसले से लाखों ग्रामीण संपत्ति मालिकों को कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त मालिकाना रिकॉर्ड मिल सकेंगे। इससे संपत्ति विवादों में कमी आएगी, भूमि प्रशासन मजबूत होगा और लोगों को संपत्ति से जुड़ी वित्तीय व अन्य संस्थागत सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी।






