7 अगस्त, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने आह्वान किया कि हरियाणा का प्रत्येक परिवार प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को गुरुग्राम के मानेसर में आयोजित 77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के दूसरे चरण के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने की, जबकि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पौधारोपण किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधे लगाने और दूसरों को भी पौधारोपण के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने वन विभाग की पुस्तिका ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘हरियाणा फॉरेस्ट न्यूज़’ का विमोचन किया।
इस दौरान उन्होंने ‘हरा हरियाणा’ विषय पर आयोजित निबंध, चित्रकला और अन्य प्रतियोगिताओं में गुरुग्राम जिले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने अरावली पर्वत श्रृंखला का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि अरावली बोल सकती, तो वह हमसे पूछती कि हजारों वर्षों तक शुद्ध हवा, जल संरक्षण और जैव विविधता देने के बदले हमने उसके लिए क्या छोड़ा है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव इसी सवाल का जवाब देने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि यह केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपना ऋण चुकाने और पर्यावरण संरक्षण को जन-संस्कार बनाने का अभियान है।
सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित होगा वन महोत्सव
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष वन महोत्सव का पहला चरण 30 जुलाई को करनाल में आयोजित किया गया था और अब दूसरे चरण की शुरुआत मानेसर से की गई है। उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष हरियाणा के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में वन महोत्सव आयोजित किए जाएंगे, ताकि प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान का हिस्सा बन सके।
राज्य में विकसित किए गए 75 नमो पार्क
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 75 नमो पार्क विकसित किए जा चुके हैं। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर 5 से 100 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सी-वन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें पैदल मार्ग, साइकिल ट्रैक और नागरिकों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने बताया कि करनाल में ऑक्सी-वन तैयार हो चुका है, जबकि पंचकूला में इसका निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा सोनीपत के मुरथल और यमुनानगर के सढौरा में नगर वन विकसित किए गए हैं। राज्य के प्रत्येक गांव में ‘पंचवटी’ के नाम से पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है।
कुरुक्षेत्र के 48 कोस क्षेत्र के 134 तीर्थ स्थलों पर पंचवटी वाटिकाओं के निर्माण का कार्य भी शुरू हो चुका है।







