10 अगस्त,2026 (राजेश कुमार): पंजाब में निजी स्कूलों की संख्या लगातार कम हो रही है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों ने राज्य में शिक्षा के बदलते रुझान को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में वर्ष 2021-22 के दौरान 7,978 निजी स्कूल संचालित हो रहे थे। वर्ष 2025-26 तक इनकी संख्या घटकर 7,548 रह गई। यानी पांच साल की अवधि में 430 निजी स्कूल कम हो गए।
इसके उलट निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में निजी स्कूलों में 28,64,397 विद्यार्थी दाखिल थे, जबकि 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 31,49,615 पहुंच गया। इस तरह पांच वर्षों में निजी स्कूलों के दाखिलों में 2,85,218 विद्यार्थियों की वृद्धि हुई।
कुल स्कूलों की संख्या में भी आई कमी
पंजाब में सभी श्रेणियों को मिलाकर वर्ष 2021-22 में 27,701 स्कूल थे। वर्ष 2025-26 में इनकी संख्या घटकर 27,233 रह गई। इस दौरान राज्य में कुल 468 स्कूल कम हुए। इनमें सरकारी स्कूलों की संख्या में कमी अपेक्षाकृत काफी कम रही, जबकि निजी स्कूलों की संख्या में बड़ा अंतर देखने को मिला।
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले में कमी को लेकर शिक्षा विभाग का कहना है कि यह केवल पंजाब की समस्या नहीं है, बल्कि देशभर में सरकारी स्कूलों के दाखिलों में गिरावट का रुझान देखा जा रहा है। पंजाब सरकार का दावा है कि सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और वातावरण में बड़े बदलाव किए गए हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट को भी सरकार अपने शिक्षा सुधारों के पक्ष में अहम आधार मान रही है।
सरकार के दावे और केंद्रीय आंकड़ों में अंतर
सरकार की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि बेहतर सुविधाओं के कारण निजी स्कूलों से विद्यार्थी सरकारी स्कूलों की ओर आ रहे हैं। हालांकि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों में निजी स्कूलों के दाखिलों में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है। यही विरोधाभास अब राज्य की शिक्षा नीति पर सवाल खड़े कर रहा है।
वहीं, पंजाब में सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों की संख्या भी कम हुई है। वर्ष 2021-22 में ऐसे 450 स्कूल थे, जो 2025-26 में घटकर 432 रह गए। इन स्कूलों में भी पांच साल के दौरान दाखिलों में 15,743 विद्यार्थियों की कमी दर्ज की गई है।
निजी स्कूलों की फीस पर सरकार कसेगी शिकंजा
निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी को लेकर भी पंजाब सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार की ओर से पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) बिल-2026 विधानसभा में पेश किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया है कि निजी स्कूल अपनी मर्जी से फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत किसी भी निजी स्कूल को एक साल में 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी।
इस तरह पंजाब में एक ओर सरकारी स्कूलों को मजबूत करने की कोशिश जारी है, तो दूसरी ओर निजी स्कूलों की घटती संख्या के बावजूद उनमें बढ़ रहे दाखिले सरकार के लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आए हैं।






