10 अगस्त,2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): कोटकपूरा और बहिबल कलां गोलीकांड से जुड़े मामलों में लंबित जांच को लेकर पंजाब पुलिस ने सरकारी वकील के माध्यम से चंडीगढ़ की सेशन कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसे कोर्ट ने सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
अप्रैल में चंडीगढ़ ट्रांसफर हुए थे मामले
कोटकपूरा गोलीबारी, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बेअदबी से जुड़े मामलों की सुनवाई अप्रैल 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद चंडीगढ़ सेशन कोर्ट में ट्रांसफर की गई थी।
2015 की घटनाओं के बाद हुआ था गोलीकांड
कोटकपूरा और बहिबल कलां में गोलीबारी की घटनाएं अक्टूबर 2015 में बेअदबी की घटनाओं के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान हुई थीं। 14 अक्टूबर 2015 को कोटकपूरा में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग हुई थी। इसी दौरान बहिबल कलां में हुई पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कोटकपूरा में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।
मामले में तत्कालीन पुलिस अधिकारियों समेत कई प्रमुख लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, परमराज सिंह उमरानंगल, चरणजीत सिंह शर्मा, अमर सिंह चाहल और सुखमिंदर सिंह मान के नाम शामिल हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल भी कोटकपूरा गोलीकांड मामले में आरोपी हैं।
कोर्ट के निर्देश पर पेश हुई रिपोर्ट
बेअदबी से जुड़े मामलों की पिछली सुनवाई 18 जुलाई को हुई थी। उस दौरान अदालत ने सरकारी पक्ष को अगली सुनवाई पर लंबित जांच की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
अदालत के आदेश के अनुपालन में सरकारी वकील ने 1 अगस्त 2026 को कोटकपूरा और बहिबल कलां गोलीकांड में लंबित जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की।
रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त लोक अभियोजक ने अदालत से अनुरोध किया कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए रिपोर्टों को देखने के बाद भी उन्हें सीलबंद अवस्था में सुरक्षित रखा जाए। अदालत ने रिपोर्टों को खोलकर देखने के बाद उन्हें दोबारा सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया।
फिलहाल रिपोर्ट में लंबित जांच को लेकर क्या जानकारी दी गई है, इसका विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।






