Thursday, August 27, 2026
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डा. अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना में एससी और एसटी परिवारों को प्रदान की जाती है आर्थिक सहायता

कुरुक्षेत्र 11 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन द्वारा संचालित डॉ. अंबेडकर चिकित्सा सहायता योजना (2026 में संशोधित) के माध्यम से अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के मरीजों को गंभीर व जानलेवा बीमारियों के इलाज के लिए अधिकतम 3.50 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह लाभ एससी और एसटी वर्ग के उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 5 लाख से कम है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इस योजना के तहत हृदय, किडनी, कैंसर, यकृत (लिवर), मस्तिष्क की सर्जरी, रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन और अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियां शामिल है। इसके तहत इलाज के लिए अधिकतम 3.50 लाख तक की आर्थिक मदद सीधे अस्पताल के खाते में भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के रोगियों को चिकित्सा सहायता अनुदान देना है, जिनके लिए गुर्दे, हृदय, यकृत, कैंसर और मस्तिष्क या अंग प्रत्यारोपण और रीढ़ की हड्डी की सर्जरी सहित किसी भी अन्य जानलेवा बीमारी की आवश्यकता होती है, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 5 लाख रुपए से अधिक नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र या सादे कागज पर प्रारूप और फोटो के अनुसार विवरण के साथ संबंधित अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित मूल अनुमानित लागत प्रमाण पत्र। इसमें शल्य चिकित्सा के लिए निर्धारित तिथि होनी चाहिए। नवीनतम आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और रोगी के राशन कार्ड/आधार कार्ड की स्व-सत्यापित फोटोकॉपी, गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए लाभार्थी के साथ संबंध (प्रपत्र 14, प्राधिकरण समिति प्रमाण पत्र के निर्णय के लिए प्रारूप), गुर्दा दाता का विवरण अर्थात लाभार्थी का नाम, आयु, पता, रक्त समूह, यूआईडीएआई संख्या/आधार संख्या होना जरूरी है।
उपायुक्त ने कहा कि इस योजना के लिए सरकार द्वारा निर्धारित अस्पतालों में ही इलाज करवाना जरुरी है, जिनमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली और अन्य राज्यों में एम्स, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर संशोधित सभी सीजीएचएस अनुमोदित अस्पताल, सभी राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेज सीजीएचएस योजना के तहत शामिल नहीं होने पर भी अस्पतालों से जुड़े हुए है, राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सभी राज्य अस्पताल और सभी अस्पताल, केंद्र सरकार या राज्य सरकारों द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित सभी अस्पताल, जिला मुख्यालयों/प्रमुख शहरों के सभी सरकारी अस्पताल जहां गुर्दे, हृदय, यकृत, कैंसर और मस्तिष्क या अंग प्रत्यारोपण और रीढ़ की हड्डी की सर्जरी सहित किसी अन्य जानलेवा बीमारी के लिए सर्जरी या उपचार की सुविधा उपलब्ध है, अस्पताल शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत उपचार की अनुमानित लागत का 100 प्रतिशत सीधे संबंधित अस्पताल को जारी किया जाएगा। एनईएफटी/आरटीजीएस के माध्यम से प्रत्येक मामले में संबंधित अस्पताल के खाते में जारी की जाएगी, जिसमें हृदय शल्य चिकित्सा के लिए 1.50 लाख
किडनी सर्जरी/डायलिसिस के लिए 3.50 लाख, कैंसर सर्जरी/कीमोथेरेपी/रेडियोथेरेपी के लिए 2.50 लाख, ब्रेन सर्जरी के लिए 2 लाख, गुर्दा/अंग प्रत्यारोपण के लिए 3.50 लाख, रीढ़ की हड्डïी की सर्जरी के लिए 1.50 लाख व अन्य जानलेवा बीमारियों के लिए 2 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाएगी।

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