हरियाणा, 22 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ तेजी और प्रभावी ढंग से उपलब्ध करवाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। राज्य में इस प्लेटफॉर्म पर किसानों का पंजीकरण करने का लक्ष्य अगले तीन दिनों में पूरा किया जाए। इसके लिए सभी जिलों के उपायुक्त अपने राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को लक्ष्य देकर युद्ध स्तर पर पंजीकरण का कार्य पूरा करवाएं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ये निर्देश शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान सभी जिलों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, कृषि विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक तथा मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव एवं भूमि चकबंदी और भू-रिकॉर्ड के निदेशक डॉ. यशपाल यादव भी मौजूद रहे। सभी जिलों के उपायुक्त, डीआरओ और उप कृषि निदेशक ऑनलाइन माध्यम से बैठक से जुड़े।
मुख्यमंत्री ने तीनों योजनाओं—एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन—की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन जिलों के उपायुक्तों से जवाब मांगा, जहां प्रगति धीमी थी। उन्होंने सख्ती से सभी जिलों को 24 अगस्त की शाम तक निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह स्वयं 24 अगस्त को कार्य की प्रगति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 25 अगस्त को स्वयं समीक्षा बैठक करेंगे। इसलिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के कार्य में जुट जाएं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने किसानों को सभी योजनाओं का लाभ प्रभावी तरीके से उपलब्ध करवाने के लिए एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसके माध्यम से प्रत्येक किसान को एक विशेष फार्मर आईडी प्रदान की जा रही है। इसमें किसान की कृषि भूमि के टुकड़ों को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ा जाता है। इसके माध्यम से यह डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा कि किस किसान ने किस खेत में कौन सी फसल बोई है। इसके साथ ही गांवों और कृषि भूमि की डिजिटल/भौगोलिक मैपिंग भी की जाएगी।
श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि एग्रीस्टैक के माध्यम से पीएम किसान, फसल बीमा, कृषि ऋण, एमएसपी आधारित खरीद, खाद-बीज वितरण तथा अन्य सरकारी योजनाओं की सेवाएं पात्र किसानों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को इस संबंध में भी जागरूक करें कि एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत किसी भी किसान को किसी अन्य योजना के लाभ से वंचित नहीं रखा जाएगा। बल्कि एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण नहीं करवाने वाले किसानों को केंद्र सरकार और राज्य सरकार के कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई आ सकती है। इसलिए सभी किसान प्राथमिकता के आधार पर एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म पर अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि डीसीएस (डिजिटल क्रॉप सर्वे) हरियाणा में जीपीएस आधारित फसल सर्वेक्षण है। इसके तहत खेत के स्तर पर फसल की बुवाई संबंधी जानकारी जियो-रेफरेंस्ड डेटा के साथ दर्ज की जाती है। डीसीएस-2026 का सर्वेक्षण 16 अगस्त 2026 से शुरू हो चुका है और यह कार्य 30 सितंबर तक पूरे हरियाणा में जारी रहेगा। इस सर्वेक्षण में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और पटवारी फील्ड स्तर पर सर्वेक्षण कार्य में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को अपने कामों के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।






