पंजाब, 23 अगस्त,2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): बारिश के बावजूद पंजाब में उमस भरी गर्मी के कारण बिजली की मांग में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला। रविवार को राज्य में बिजली की मांग 15,515 मेगावाट से अधिक पहुंच गई। मांग पूरी करने के लिए पावरकॉम को केंद्रीय पूल से करीब 10,896 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ी, जबकि निजी क्षेत्र के थर्मल प्लांटों पर भी निर्भरता बढ़ गई।
बारिश के बाद धूप निकलने और उमस बढ़ने से बिजली की खपत तेजी से बढ़ी। इसी बीच सरकारी थर्मल पावर प्लांटों की कई यूनिट बंद होने और कर्मचारियों की हड़ताल के कारण राज्य की अपनी बिजली उत्पादन क्षमता पर भी दबाव बढ़ गया है।
सरकारी थर्मल प्लांटों की 6 यूनिट बंद
जानकारी के मुताबिक, लहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट की 940 मेगावाट क्षमता वाली चार यूनिटों में से तीन बंद हैं। वहीं गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल पावर प्लांट, रोपड़ की चार में से तीन यूनिट भी तकनीकी खराबी के कारण बंद बताई जा रही हैं।
फिलहाल गुरु अमरदास थर्मल पावर प्लांट, श्री गोइंदवाल साहिब की दोनों यूनिट चालू हैं। इस तरह सरकारी क्षेत्र की कुल 10 यूनिटों में से छह के बंद रहने से उत्पादन पर असर पड़ा है। चालू चार यूनिटों से करीब 700 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।
निजी थर्मल प्लांटों पर बढ़ी निर्भरता
बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में निजी क्षेत्र के राजपुरा और तलवंडी साबो थर्मल प्लांट अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन दोनों प्लांटों से करीब 3,000 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है।
इसके अलावा पावरकॉम के जलविद्युत संयंत्रों से करीब 419 मेगावाट, जबकि सोलर और नॉन-सोलर स्रोतों से लगभग 107 मेगावाट बिजली मिल रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पंजाब का कुल अपना बिजली उत्पादन करीब 4,252 मेगावाट रहा।
24 दिनों से कर्मचारियों की हड़ताल
पावरकॉम में आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रही हड़ताल ने भी सरकारी थर्मल प्लांटों के संचालन को प्रभावित किया है। कर्मचारी पावरकॉम में मर्ज किए जाने और सीधे कॉन्ट्रैक्ट के तहत नियुक्ति सहित अपनी मांगों को लेकर पिछले 24 दिनों से पूर्ण हड़ताल पर हैं।
बिजली की रिकॉर्ड मांग, कई सरकारी थर्मल यूनिटों के बंद रहने और कर्मचारियों की हड़ताल के बीच पंजाब को बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए केंद्रीय पूल तथा निजी बिजली संयंत्रों पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा है।






