कुरुक्षेत्र, 23 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का त्वरित गति व प्रभावी ढंग से लाभ प्रदान करने के लिए एग्रीस्टैक प्लेटफार्म बनाया गया है। इसको लेकर प्लेटफार्म पर किसानों का रजिस्ट्रेशन करने का लक्ष्य अगले दो दिन में पूरा किया जाए। राजस्व व कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी किसानों के रजिस्ट्रेशन कार्य को पूर्ण करें।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सेनी ने तीन योजनाओं- एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा ऑटो म्यूटेशन को लेकर जिला के निर्धारित लक्ष्य को 24 अगस्त की शाम तक पूर्ण करने के आदेश दिए हैं। इसलिए संबंधित सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के काम में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने किसानों को सभी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से प्रदान करने के लिए एग्रीस्टैक प्लेटफार्म शुरू किया है जिसके माध्यम से प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट फार्मर आईडी प्रदान की जा रही है। इसमें किसान की कृषि भूमि के भू-खंडों को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ा जाता है। इसके माध्यम से इसका डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा कि किस किसान ने किस खेत में कौन सी फसल बोई है। इससे गांवों और कृषि भूमि का डिजिटल/भौगोलिक मानचित्रण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक के जरिए पीएम किसान, फसल बीमा, कृषि ऋण, एमएसपी आधारित खरीद, खाद-बीज वितरण और अन्य सरकारी योजनाओं की सेवाएं पात्र किसानों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद मिलेगी। राजस्व व कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को इस संबंध में भी जागरूक करें कि एग्रीस्टैक प्लेटफार्म पर पंजीकृत किसी भी किसान को किसी भी अन्य योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा, बल्कि एग्रीस्टैक प्लेटफार्म पर पंजीकरण न करवाने वाले किसानों को केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार की कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में समस्या आएगी। इसलिए सभी किसान प्राथमिकता के आधार पर अपना पंजीकरण एग्रीस्टैक प्लेटफार्म पर अवश्य करवाएं।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि डीसीएस (डिजिटल क्रॉप सर्वे) जीपीएस आधारित फसल सर्वेक्षण है, जिसके तहत खेत स्तर पर फसल की बुवाई संबंधी जानकारी जियो-रेफरेंस्ड डेटा के साथ दर्ज की जाती है। डीसीएस-2026 का सर्वेक्षण 16 अगस्त 2026 से शुरू हो चुका है और यह कार्य 30 सितंबर तक संचालित किया जाएगा। इस सर्वेक्षण में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व पटवारी फील्ड स्तर पर सर्वेक्षण कार्य में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा ऑटो म्यूटेशन का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए ताकि आमजन को अपने कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।






