चंडीगढ़, 24 अगस्त 2026 (दीपक दत्ता): रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाली जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। चीनी के दाम बढ़ने के बाद अब आटे की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। खुदरा बाजार में चक्की का आटा करीब 3 रुपये प्रति किलो, जबकि ब्रांडेड आटा 1 रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है।
पंजाब रोलर फ्लोर मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश घई ने आटे के दाम बढ़ने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि देशभर से जुड़ा मामला है। उनके मुताबिक पंजाब में करीब 90 रोलर फ्लोर मिलें और बड़ी संख्या में आटा चक्कियां हैं, जहां गेहूं की लागत बढ़ने के कारण कीमतों में असर दिखाई दे रहा है।
घई ने बताया कि अप्रैल की गेहूं खरीद के दौरान केंद्र सरकार ने पंजाब से करीब 122 लाख टन गेहूं खरीदा था, जो राज्य के कुल उत्पादन का लगभग 98 प्रतिशत बताया गया। मिलर्स के पास सीमित स्टॉक बचा था, जो अब समाप्त हो चुका है। ऐसे में उन्हें अन्य राज्यों से गेहूं खरीदना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब के लिए विशेष गेहूं नीति बनाने की मांग की।
मिलर राघव अरोड़ा के अनुसार अप्रैल में गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि अब मिलर्स करीब 2,800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रहे हैं। इसी बढ़ी लागत का असर आटे की कीमतों पर पड़ रहा है। ब्रांडेड कंपनियों ने भी 10 किलो आटे के पैकेट की कीमत 489 रुपये से बढ़ाकर करीब 500 रुपये कर दी है।
खुदरा बाजार में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। दुकानदारों के अनुसार 10 किलो आटे का पैकेट, जो पहले करीब 340 रुपये में बिकता था, अब 350 रुपये तक पहुंच गया है।
दूसरी ओर चीनी 70 से 75 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। सरसों के तेल की कीमतों में भी पिछले एक महीने में करीब 20 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। खुला सरसों तेल 140 रुपये से बढ़कर करीब 180 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि ब्रांडेड तेल की कीमत लगभग 220 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
दिहाड़ी और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के बढ़े खर्च के बीच अब आटा, तेल और चीनी जैसी बुनियादी चीजें महंगी होने से घर चलाना और मुश्किल हो गया है। बढ़ती महंगाई ने खासतौर पर निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।






