हरियाणा, 24 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): इन्फ्लूएंजा (फ्लू) सीजन से पहले हरियाणा सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के निर्देश पर प्रदेशभर में इन्फ्लूएंजा की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार के लिए व्यापक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सभी जिलों के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को जरूरी दवाइयों, जांच सुविधाओं, संक्रमण नियंत्रण सामग्री और क्रिटिकल केयर संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य फ्लू के संभावित मामलों की समय पर पहचान करना, संक्रमण के प्रसार को रोकना और गंभीर मरीजों को तत्काल बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। इसी के तहत स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा के निदेशक की ओर से प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेजों के निदेशकों को विस्तृत एडवाइजरी जारी कर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में विशेष फ्लू कॉर्नर सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। बुखार, जुकाम, खांसी, गले में खराश और फ्लू जैसे लक्षणों के साथ आने वाले मरीजों की यहां प्राथमिक स्तर पर स्क्रीनिंग की जाएगी। इससे संभावित संक्रमित मरीजों की जल्द पहचान कर समय पर जांच और उपचार शुरू किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन्फ्लूएंजा की निगरानी और जांच व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले के कम से कम 5 प्रतिशत मरीजों की जांच सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, गंभीर सांस संबंधी संक्रमण से पीड़ित के 100 प्रतिशत मरीजों की इन्फ्लूएंजा जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों को ओसेल्टामिविर सहित जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पीपीई किट, एन-95 मास्क और अन्य संक्रमणरोधी सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा में कोई कमी न रहे।
निजी अस्पतालों को भी निगरानी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इन्फ्लूएंजा की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए निजी अस्पतालों और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) का भी सहयोग लिया जाएगा। निजी स्वास्थ्य संस्थानों को फ्लू से संबंधित मामलों की जानकारी IDSP-IHIP पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे प्रदेश में बीमारी की स्थिति पर लगातार और प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
आरती सिंह राव ने कहा कि सभी अस्पतालों को गंभीर मरीजों के उपचार के लिए जरूरी वेंटिलेटर सपोर्ट और क्रिटिकल केयर सुविधाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में मानव संसाधन, उपकरणों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी मरीज के उपचार में देरी न हो।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और संक्रमण नियंत्रण से जुड़े सभी प्रोटोकॉल का पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। सर्दी, खांसी या फ्लू जैसे लक्षण वाले स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए फेस मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
आरती सिंह राव बोलीं—लापरवाही न करें, समय पर डॉक्टर की सलाह लें
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करना भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए प्रदेशभर में आईईसी गतिविधियों और जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को इन्फ्लूएंजा के लक्षणों, बचाव के उपायों और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने आम लोगों से अपील की कि बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी या फ्लू जैसे लक्षणों को हल्के में न लें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लें।
आरती सिंह राव ने कहा कि आगामी फ्लू सीजन को देखते हुए निगरानी से लेकर जांच, उपचार और संक्रमण नियंत्रण तक पूरे स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सरकार का प्रयास है कि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और प्रदेशवासियों को बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।






