देश में बढ़े इन्फ्लुएंजा के मामले, केंद्र ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं
नई दिल्ली , 27 अगस्त, 2026 (राजेश कुमार दास):देश के कई हिस्सों में इन दिनों बुखार, खांसी, गले में दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों के मामले बढ़ रहे हैं। इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों के बीच लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि कहीं यह कोरोना वायरस या H1N1 संक्रमण तो नहीं है। इस बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW), स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) देश में संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए DHR के सचिव एवं ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने बताया कि फिलहाल देश में मौसमी इन्फ्लुएंजा का प्रकोप देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार स्थिति की नियमित निगरानी कर रही है और मौजूदा इन्फ्लुएंजा वायरस को लेकर किसी बड़े खतरे की सूचना नहीं है।
H1N1 वायरस में क्या बदलाव आया?
केंद्र सरकार H1N1 वायरस के मामलों में हो रही बढ़ोतरी पर भी नजर रख रही है। सामने आए वायरस मुख्य रूप से A/Missouri/11/2025 (H1N1) pdm09 के समान हैं। डॉ. राजीव बहल के अनुसार, वायरस के जीन में छोटे-मोटे बदलाव मौसमी इन्फ्लुएंजा वायरस में सामान्य रूप से देखने को मिलते हैं।
इसलिए इन आनुवंशिक बदलावों को किसी नए या खतरनाक स्ट्रेन के सामने आने के तौर पर देखने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अभी तक उपलब्ध जानकारी में किसी नए प्रकार के इन्फ्लुएंजा के फैलने का संकेत नहीं मिला है।
क्या हैं इन्फ्लुएंजा के लक्षण?
मौजूदा इन्फ्लुएंजा में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ज्यादातर मामलों में पर्याप्त आराम, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और आवश्यक सहायक देखभाल से मरीज धीरे-धीरे ठीक हो जाते हैं।
सिर्फ H1N1 की पुष्टि होने का मतलब यह नहीं है कि मरीज गंभीर रूप से बीमार हो जाएगा या उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ेगा। हालांकि, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को संक्रमण की स्थिति में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। इसके अलावा पहले से किसी बीमारी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहे लोगों को भी विशेष सतर्कता रखनी चाहिए।
गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क जरूरी
अगर बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण गंभीर हों, लंबे समय तक बने रहें या लगातार बढ़ते जाएं, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। केंद्र सरकार ने लोगों से सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है।