पंचकूला, 9 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों का कर्ज कोई भी समाज या राष्ट्र कभी नहीं चुका सकता। सरकार केवल उनके तथा उनके परिवारों के कल्याण और हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास कर सकती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं में भारतीय सशस्त्र सेनाओं में शामिल होने का जबरदस्त जज्बा है, चाहे वह अन्य रैंक हो या अधिकारी स्तर।
श्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि हाल ही में पंचकूला में राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज (आरआईएमसी), देहरादून के लिए भर्ती प्रक्रिया सफलतापूर्वक आयोजित की गई। यह परीक्षा जनवरी 2027 में शुरू होने वाले सत्र के लिए आयोजित की गई थी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज की स्थापना वर्ष 1922 में आजादी से पहले हुई थी। स्थापना के बाद से ही यह संस्थान सैन्य नेतृत्व की नर्सरी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बड़ी संख्या में विद्यार्थी आगे चलकर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) और भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पहुंचे हैं।
सैनिकों के कल्याण के लिए बजट में 58.93 प्रतिशत की बढ़ोतरी
राव नरबीर सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का गठन किया था। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 2026-27 के बजट में सैनिकों के पुनर्वास और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण निगम स्थापित करने की घोषणा की है। इसकी प्रक्रिया वर्तमान में प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग के बजट में 58.93 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 178.14 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह सरकार की सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
423 शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी गई सरकारी नौकरी
मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक शहीद सैनिकों के 423 आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही सशस्त्र पुलिस बलों और अग्निवीरों को दिए जाने वाले एकमुश्त वीरता पुरस्कार की राशि में भी वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों की तर्ज पर आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा नीति को मंजूरी भी प्रदान की जा चुकी है।
अग्निवीरों का पहला बैच 31 जुलाई 2026 को चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद वापस लौटा है। हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों के लिए हरियाणा पुलिस में एसपीआईओ, फॉरेस्ट गार्ड और फायरमैन के पदों पर आरक्षण का प्रावधान किया है। जो पूर्व अग्निवीर स्वरोजगार के लिए उद्यम स्थापित करना चाहते हैं, उनके लिए 5 लाख रुपये तक के ब्याज-मुक्त ऋण की व्यवस्था भी की गई है।
सेना और केंद्रीय सशस्त्र बलों में हरियाणा के युवाओं की अहम भागीदारी
राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा हमेशा से वीर सैनिकों की धरती रहा है। प्रदेश के युवा थल सेना, नौसेना और वायु सेना के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और असम राइफल्स जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में भी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं।
सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों का होगा पंजीकरण
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने हरियाणा के सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों का पंजीकरण सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट पर करवाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने सभी जिला सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण कार्यालयों, पूर्व सैनिक संगठनों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल संगठनों, पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि वे पात्र कर्मियों को पंजीकरण के लिए प्रेरित करें और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध करवाएं।






