हरियाणा, 12 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात के बाद शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने का ऐलान किया। उल्लेखनीय है कि कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल और कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण बेदी के साथ सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों की बैठक हुई, जिसमें उनकी मांगों पर सहमति बनी।
बैठक के दौरान सफाई कर्मचारियों को एकमुश्त वर्दी भत्ते की जगह 440 रुपये प्रति माह वर्दी भत्ता दिए जाने पर सहमति बनी है। समान काम-समान वेतन और एरियर की मांग के तहत पात्र कर्मचारियों को भुगतान किया जा चुका है। मांग के अनुसार, पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को निर्देशों के अनुसार LTC का लाभ दिया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन (नियमित, पालिका रोल और एच.के.आर.एन.एल.) का स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से हर वर्ष नगर निगम/नगर निकाय के खर्चे पर मेडिकल चेकअप करवाने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
वहीं, सरकारी कर्मचारियों पर लागू मेडिकल कैशलेस नीति का लाभ नगर निगमों के नियमित कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को भी देने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को 2,000 रुपये प्रति माह जोखिम भत्ता देने के संबंध में विभाग द्वारा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। नियमित कर्मचारियों को भी जोखिम भत्ता देने पर सहमति बनी है।
बैठक में काम के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में पालिका रोल के सफाई वर्करों (सफाई कर्मचारी, सीवरमैन और सफाई दरोगा/हेड सीवरमैन) के लिए मुख्यमंत्री हरियाणा कर्मचारी दुर्घटना बीमा योजना के तहत मिलने वाले लाभ को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा, SBI बैंक में बचत खाता खुलवाने वाले पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों को बैंक द्वारा दुर्घटना में मृत्यु और स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 50 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 25 लाख रुपये की राशि देने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना—चिरायु में पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों को शामिल करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। 9,203 रुपये प्रति वर्ष प्रति कर्मचारी प्रीमियम का भुगतान संबंधित नगर निकाय द्वारा किया जाएगा।
बैठक में एक कैलेंडर वर्ष में कुल 20 मेडिकल छुट्टियां देने तथा पात्र सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों को क्लर्क (ग्रुप-सी) के पदों पर पदोन्नति देने के लिए संबंधित सेवा नियमों में संशोधन की सैद्धांतिक मंजूरी भी दी गई है। पालिका रोल पर कार्यरत सीवरमैनों के वेतन में 2,100 रुपये की वृद्धि करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहे सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों को निर्धारित न्यूनतम वेतन तथा पात्र कर्मचारियों को ESI और EPF का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में सीवरमैन और सफाई कर्मचारियों की खाली पदों पर भर्ती के लिए सरकार द्वारा प्रक्रिया निर्धारित करने के बाद एक महीने में चयन के मानदंड तय करने और 15 दिनों में विज्ञापन जारी करने पर सहमति बनी है। मानदंड समिति में यूनियन का प्रतिनिधि भी सदस्य होगा। खाली पदों पर भर्ती समय-समय पर जारी रहेगी।
नियमित कर्मचारियों का निलंबन (सस्पेंशन) समाप्त कर बहाल किए जाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, सेवा से हटाए गए पालिका रोल/HKRNL कर्मचारियों को दोबारा सेवा में लेने पर भी सहमति बनी है। मामलों को वापस लेने के संबंध में नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। हड़ताल की अवधि के दिनों को अतिरिक्त काम करके समायोजित किया जाएगा। बैठक में यह भी सहमति बनी कि जॉब सिक्योरिटी एक्ट के तहत मृत्यु के बाद परिवार को नौकरी और ग्रेच्युटी का प्रावधान है, जिसे प्रदान किया जा सकता है।
इसके अलावा, हरियाणा फायर विभाग कर्मचारी यूनियन के साथ भी बैठक हुई, जिसमें उनकी मांगों पर भी सैद्धांतिक सहमति बनी है। यूनियन की मांग थी कि फायर विभाग के शहीद भावीचंद शर्मा और रणबीर के परिवारों को बकाया राशि दी जाए और नियमित नौकरी दी जाए। यूनियन द्वारा प्रत्येक परिवार के लिए 50 लाख रुपये की मांग की गई थी।
सरकार द्वारा श्री भावीचंद शर्मा के परिवार को 60 लाख रुपये दिए जा चुके हैं, जिनमें से 20 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से, 10 लाख रुपये मुख्यमंत्री कर्मचारी दुर्घटना सुरक्षा योजना के तहत और 30 लाख रुपये एमओयू के तहत बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा दिए गए हैं।
श्री रणबीर के परिवार को 30 लाख रुपये दिए जा चुके हैं, जिनमें से 20 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से और 10 लाख रुपये मुख्यमंत्री कर्मचारी दुर्घटना सुरक्षा योजना के तहत दिए गए हैं। बकाया 20 लाख रुपये जल्द दिए जाएंगे। इसके अलावा, ऐसी दुर्घटना में किसी की मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये देने के संबंध में नीति बनाने को भी सरकार ने मंजूरी दी है।
दोनों दिवंगत कर्मचारियों के परिवार में से किसी भी व्यक्ति द्वारा अनुकंपा के आधार (कम्पैशनेट ग्राउंड) पर नौकरी लेने के लिए आवेदन करने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यूनियन की एक अन्य मांग थी कि फायर पेरोल के कर्मचारियों को नियमित किया जाए। इस संबंध में सहमति बनी कि फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर के खाली पदों पर भर्ती के मानदंड 45 दिनों में तैयार किए जाएंगे और उसके अगले 15 दिनों में विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। इसके अलावा, मानदंड समिति में यूनियन का एक प्रतिनिधि भी सदस्य होगा।
इसके अलावा, 5,000 रुपये जोखिम भत्ता और 7,500 रुपये वार्षिक वर्दी भत्ता दिया जाएगा। नियमित कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सर्विस ब्रेक नहीं होगा। पेरोल कर्मचारियों की हड़ताल की अवधि को एक्स्ट्रा ड्यूटी लीव के विरुद्ध समायोजित किया जाएगा।






