कुरुक्षेत्र 19 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल के मार्गदर्शन में डीएलएसए द्वारा गांव गोबिंदगढ़, बीर सोंटी, शादीपुर तथा खेड़ी मारकंडा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन, किसानों एवं श्रमिकों को पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान, भूमि एवं किरायेदारी अधिकारों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सामाजिक सुरक्षा लाभों के प्रति जागरूक करना रहा।
सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्रदूषण मुक्त खेत अभियान के बारे में जानकारी देते हुए पराली जलाने से पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने किसानों को फसल अवशेषों के उचित एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन के तरीके अपनाने तथा पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों को किरायेदारी अधिकार एवं भूमि स्वामित्व अधिकार के संबंध में भी जागरूक किया गया। उन्हें उनके मूल कानूनी अधिकारों, जिम्मेदारियों तथा उपलब्ध कानूनी उपायों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका की गारंटी मिशन (ग्रामीण) योजना के साथ-साथ पात्र व्यक्तियों के लिए उपलब्ध विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं बीमा लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को पराली न जलाने की शपथ दिलाई गई तथा स्वच्छ, स्वस्थ एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों, श्रमिकों एवं ग्रामीणों में कानूनी अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार एवं आजीविका के अवसरों तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संबंध में जागरूकता बढ़ी।






