Monday, September 28, 2026
HomeHaryanaकृषि विज्ञान केंद्र द्वारा गांव बारना में फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर...

कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा गांव बारना में फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर जिला स्तरीय जागरूकता शिविर का किया गया आयोजन

कुरुक्षेत्र 24 सितंबर,2026 (संजीव शर्मा): चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र (केविके), कुरुक्षेत्र द्वारा जिले के गांव बारना में फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर जिला स्तरीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज और विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ नरेश कौशिक के मार्गदर्शन व दिशा निर्देश के अनुसार कृषि विज्ञान केंद्र, कुरुक्षेत्र द्वारा 24 सितंबर 2026 को किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र कुरुक्षेत्र के वरिष्ठ समन्वयक डॉ बलजीत सिंह सहारण के नेतृत्व में आयोजित किए गए इस शिविर में किसानों को फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर उनका उचित प्रबंधन करने के लिए जागरूक किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र, कुरुक्षेत्र की वैज्ञानिक डॉक्टर सरिता रानी (सस्य विज्ञान) ने किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान तथा अवशेष का उचित प्रबंधन करने से होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जिले में पराली जलाने के मामलों में आई कमी के लिए किसानों के योगदान की सराहना की। कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यकलापों तथा गतिविधियों की चर्चा करते हुए उन्होंने किसानों को केवीके से जुडक़र वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित किया। केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर अश्विनी कुमार ने फसल अवशेष प्रबंधन में प्रयोग होने वाली मशीनों तथा फसलों में होने वाली बीमारियों की पहचान तथा उनकी रोकथाम के बारे में जानकारी दी। कृषि विभाग की तरफ से स्नेहलता (सहायक तकनीकी प्रबंधक) ने फसल अवशेष प्रबंधन करने पर पोर्टल पर पंजीकरण करवाने तथा इसके लिए मशीनों के प्रयोग करने पर सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी के बारे में बताया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा समय-समय पर फसल अवशेष प्रबंधन को जिले में बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम, जागरूकता कार्यक्रम, खेत दिवस, किसान मेला और अन्य विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चलाते जाते है। उन्होंने किसानों से अपील की कि फसल अवशेष प्रबंधन की इस मुहिम को सफल बनाने में सभी अपना योगदान दें तथा फसल अवशेषों को आग न लगाकर अपने खेत में ही मिलाए। इस कार्यक्रम में अपनी सफल भागीदारी दिखाते हुए गांव के किसानों ने वैज्ञानिकों की बातों को ध्यान से सुना और अपने अनुभव भी उनसे साझा किए। यह कार्यक्रम आईसीएआर अटारी जोन 2, जोधपुर के अन्तर्गत 2018 से चलाए जा रहे फसल अवशेष प्रबंधन प्रोजेक्ट के अंतर्गत आता है। गांव बारना के किसान महिन्द्र पाल ने अपने गांव के किसानों की अवशेष प्रबंधन में लगन को खूब सराहा। प्रगतिशील किसान गुरशरण सिंह ने अपने खेत में अपनाए गए फसल अवशेष प्रबंधन तथा धान की सीधी बिजाई के तरीकों के बारे में जानकारी सांझा की। महिन्द्रपाल, फूल कुमार, राम कुमार, ज्ञानी राम, गुरशरण सिंह सहित भारी संख्या में किसानों ने शिरकत की। उन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों को पटका भेंट करके सम्मान सहित धन्यवाद किया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments