Monday, September 28, 2026
HomeHaryanaकिसानों का पुलिस के साथ टकराव ‘जय जवान जय किसान’ नारे को...

किसानों का पुलिस के साथ टकराव ‘जय जवान जय किसान’ नारे को कमजोर कर रहा है: वीरेश शांडिल्य

एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि किसान संगठन जब रोड जाम करते हैं तो देश की जनता परेशान होती है, जनता का क्या कसूर

कुरूक्षेत्र, 25 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा):  एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि आए दिन किसान संगठन स्टेट व नेशनल हाईवे जाम कर देश की जनता को परेशान क्यों कर रहे हैं? और हर दूसरे दिन किसान संगठन पुलिस के साथ टकराव कर ‘जय जवान जय किसान’ नारे को कमजोर कर रहे हैं। जिस पर किसानों को चिंतन करना चाहिए। वीरेश शांडिल्य ने कहा सारी दुनिया जानती है कि लोगों के अन्नदाता किसान हैं और आम जनता किसानों के साथ है लेकिन अपनी मांगों के लिए जब किसान भाई नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे जाम कर लाखों लोगों को परेशान करते हैं उन लोगों का क्या कसूर है इस पर किसान संगठन श्वेत पत्र जारी करें। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि उनका एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया किसान भाइयों के साथ है लेकिन आए दिन किसान संगठन व पुलिस आमने सामने होती है क्या जवान व किसान अलग अलग हैं इस पर भी किसान संगठनों को सोचना होगा जब किसान संगठन नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे जाम करते हैं उस जाम में एंबुलेंस भी फंस जाती है, बुजुर्ग, बच्चे, बीमार व विदेशों में जाने वाले लोगों को कितनी परेशानियों झेलनी पड़ती है क्या कभी किसान संगठनों ने सोचा? एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि क्या देश की जनता ने किसानों की एमएसपी देनी है या किसानों की फसल उठानी है फिर सरकार की गलती की सजा देश की जनता किसान भाई क्यों देते हैं और अपने ही जवानों के खिलाफ आमने सामने क्यों होते हैं? पुलिस पर हमला संविधान व कानून पर हमला होता है और सरकारों को भी चाहिए कि न तो किसान पाकिस्तान के हैं न पुलिस पाकिस्तान की है फिर आपसी टकराव क्यों? इतना तो फसल में सरकार का खर्चा नहीं होता होगा जितना किसानों के प्रोटेस्ट में फोर्स व सुरक्षा इंतजामों का खर्चा होता है। वीरेश शांडिल्य ने एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया की तरफ से भारत के प्रधानमंत्री से मांग की है कि संसद में कानून पारित किया जाए कि किसानों को अपने हकों व फसल के लिए कभी सड़क पर नहीं उतरना पड़ेगा और किसानों को धरने प्रदर्शन के लिए राज्य व केंद्र सरकार जंतर मंतर की तरह स्थान निर्धारित करके दे ताकि आम लोगों का किसानों के जाम के कारण जीवन अस्त व्यस्त न हो।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments