हरियाणा, 26 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत बाजरे के लिए प्रति क्विंटल 2900 रुपये का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूसरे राज्यों से बाजरा लाकर हरियाणा में बेचने के प्रयासों पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ये निर्देश शुक्रवार को बाजरा और धान की खरीद के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के तहत एरिया वेरिफिकेशन, राइस मिलर्स के पंजीकरण तथा बाजरा और धान की खरीद के लिए मंडियों में आवश्यक व्यवस्थाओं और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त खरीद केंद्रों की व्यवस्था करने के संबंध में भी अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर और मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र बड़खालसा भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष बाजरा खरीद के लिए सरकार द्वारा पहले 2150 रुपये और बाद में 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई थी। सरकार और आढ़तियों के खरीद मूल्य तथा एमएसपी (2900 रुपये) के बीच के अंतर की भरपाई सरकार द्वारा अलग से की गई थी। इस वर्ष खुले बाजार में बाजरा 2235 रुपये प्रति क्विंटल की औसत दर पर बिक रहा है।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हरियाणा के किसानों को बाजरे के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2900 रुपये प्रति क्विंटल मिले। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार द्वारा 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदा जाएगा। यदि किसानों को खुले बाजार में इससे अधिक भाव मिलता है तो बिक्री मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (2900 रुपये) के बीच के अंतर की भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में बाजरा हरियाणा की तुलना में काफी कम कीमत पर बिकता है। इसलिए पड़ोसी राज्यों से हरियाणा में बाजरा लाकर बेचने के प्रयासों से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों की सीमा पर जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से यह सुनिश्चित किया जाए कि दूसरे राज्यों का बाजरा हरियाणा में न आने दिया जाए।
उन्होंने कहा कि बाजरा खरीद और भावांतर भरपाई का कार्य मेरी फसल-मेरा ब्यौरा में दर्ज रिकॉर्ड और जारी किए गए जे-फॉर्म के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को एरिया वेरिफिकेशन का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर करवाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने धान की खरीद के लिए किए जा रहे प्रबंधों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में राइस मिलर्स का पंजीकरण किया जाए। पहले जिन राइस मिलर्स को अनियमितताओं में संलिप्त पाया गया है, उनका पंजीकरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में कम राइस मिलर्स पंजीकृत होंगे, उन जिलों का धान दूसरे जिलों के राइस मिलर्स को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आवश्यकता पड़ने पर दूसरे राज्यों के राइस मिलर्स के पंजीकरण की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजरा और धान की खरीद के लिए मंडियों में सभी जरूरी प्रबंध समय पर पूरे कर लिए जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी अनाज मंडियों में कैमरे आदि लगाने, जियो-फेंसिंग करवाने तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त खरीद केंद्र स्थापित करने और किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं की भी समीक्षा की। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार, निदेशक श्री अंशज सिंह और मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।






