भूना, 01 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): राजकीय महिला महाविद्यालय भूना में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। महाविद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र ज्याणी एवं कॉलेज स्टाफ ने पुलिस अधीक्षक का पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर डीएसपी भूना नर सिंह, थाना भूना प्रभारी कंवर सिंह, महाविद्यालय स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र ज्याणी ने स्वागत संबोधन देते हुए मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर का महाविद्यालय परिवार की ओर से अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक का छात्राओं के बीच पहुंचकर उनसे सीधा संवाद करना उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षा, शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रेरित करेगा। उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता और नशा रोकथाम की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्रा अपने जीवन का स्पष्ट उद्देश्य तय करे और उसी दिशा में पूरी मेहनत, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ आगे बढ़े। कठिनाइयां जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन दृढ़ निश्चय और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं से कहा कि वे दूसरों से तुलना करने की बजाय अपनी प्रतिभा को पहचानें, अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें और शिक्षा को अपने भविष्य की सबसे मजबूत नींव बनाएं। उन्होंने कहा कि “लक्ष्य ऐसा चुनें जो आपको बेहतर इंसान बनाने के साथ-साथ आपके परिवार और समाज का नाम भी रोशन करे। लक्ष्य चुनने के बाद अपना पूरा ध्यान उसी पर केंद्रित करें और सफलता मिलने तक प्रयास जारी रखें।”
पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराधों को लेकर छात्राओं को सतर्क करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर करें तथा किसी अनजान व्यक्ति से अपनी निजी जानकारी, ओटीपी, बैंक विवरण या पासवर्ड साझा न करें। ऑनलाइन दोस्ती, फर्जी लिंक, निवेश के लालच, डिजिटल गिरफ्तारी, साइबर ब्लैकमेलिंग तथा फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के माध्यम से होने वाले अपराधों से सावधान रहें।
नशे की रोकथाम पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को कमजोर करता है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों व आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। स्वस्थ, शिक्षित और नशामुक्त युवा पीढ़ी ही सुरक्षित, सशक्त और बेहतर समाज की मजबूत आधारशिला बन सकती है।
पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं को अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने का संदेश देते हुए कहा कि माता-पिता का मार्गदर्शन और आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने छात्राओं से आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर पूरी मेहनत से आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की छात्रा कोमल ने अपनी प्रभावशाली रागनी प्रस्तुति के माध्यम से “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” के संदेश को सार्थक रूप से प्रस्तुत किया। रागनी के जरिए बेटियों की शिक्षा, सम्मान और समान अवसरों का संदेश दिया गया तथा समाज में बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया गया। छात्रा की प्रस्तुति ने उपस्थित छात्राओं एवं स्टाफ को विशेष रूप से प्रभावित किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश देते हुए मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस को पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा युवा पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण भावी पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।






