Sunday, October 11, 2026
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श्रीमद्भागवत कथा आत्मा के परम कल्याण और जीवन को सही दिशा देने की पवित्र यात्रा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

पंझोला /हरियाणा, 2 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा):   हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा आत्मा को जागृत करने, जीवन को सही मार्ग दिखाने तथा समाज में सद्भावना और धर्म की स्थापना का माध्यम है। श्रीमद्भागवत महापुराण को भारतीय संस्कृति का हृदय कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के माध्यम से इसमें जीवन के गूढ़ सत्य, कर्म, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी गुरुवार को पंजाब के पंझोला (पटियाला) में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कथा वाचक श्री सीतापाल शास्त्री जी, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा आत्मा के परम कल्याण की पवित्र यात्रा है। इसका प्रसंग उस पावन समय से जुड़ा है, जब महर्षि वेदव्यास के पुत्र भगवान शुकदेव जी ने गंगा के पवित्र तट पर महाराज परीक्षित को यह कथा सुनाई थी। महाराज परीक्षित को सात दिनों के भीतर तक्षक नाग के डसने का श्राप मिला था, लेकिन उन्होंने मृत्यु के भय से परे होकर इन सात दिनों में भागवत का अमृत रस पिया। इसी कारण भारतीय संस्कृति में भागवत कथा का आयोजन सामान्यतः सात दिनों के अनुसार किया जाता है।

युवाओं को नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के भौतिक और आध्यात्मिक जीवन के बीच संतुलन स्थापित करने का कार्य करती है तथा युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों से जोड़ती है।

उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराई से स्वयं भी दूर रहें और अपने साथियों को भी इससे बचाएं। नशा व्यक्ति के शरीर और मन के साथ-साथ परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। युवाओं को अपनी ऊर्जा नशे में बर्बाद करने के बजाय शिक्षा, खेल, कौशल विकास, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण जैसे श्रेष्ठ कार्यों में लगानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार संतों, महापुरुषों और हमारी सनातन संस्कृति के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में ‘संत-महापुरुष विचार प्रसार एवं सम्मान योजना’ चलाई जा रही है, जिसके तहत महान संतों, ऋषियों और महापुरुषों की जयंती राज्य स्तर पर श्रद्धा के साथ मनाई जाती है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के मुख से निकले गीता के अमर संदेश को मानव मात्र तक पहुंचाने के लिए हर वर्ष कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में गीता का शाश्वत संदेश आज वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ कुरुक्षेत्र स्थित ज्योतिसर अनुभव केंद्र का दौरा करें तथा महाभारत के जीवंत वृत्तांत और गीता के दिव्य दर्शन की अनुभूति करें।

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