पटियाला, 24 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह) : पंजाब के वित्त मंत्री श्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में आयोजित पहले युवा मेले के लिए कुलपति डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल को बधाई देते हुए कहा कि उनके विशेष प्रयासों के कारण विश्वविद्यालय अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए हर संभव सहयोग देने की पेशकश करते हुए घोषणा की कि लड़कियों के लिए सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हॉस्टल 15 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए पंजाब पुलिस में खिलाड़ियों के लिए आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह पहली बार है जब विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों ने पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी पहुंचकर युवा मेले में उत्साहपूर्वक भाग लिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें पंजाब की समृद्ध संस्कृति एवं विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एक सवाल के जवाब में श्री चीमा ने कहा कि भाजपा की नीतियां पंजाब के हितों के अनुकूल नहीं हैं, जिसके कारण राज्य को उसके अधिकार नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब के किसानों को निशाना बना रही है, जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने पंजाब की वित्तीय स्थिति को ठीक बताते हुए कहा कि माताओं-बेटियों की योजना सहित सरकार की अन्य योजनाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।
इस अवसर पर सांसद श्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा कि पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी पहले से ही खेलों के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है और अब सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अपनी विशेष पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस पहल के लिए कुलपति डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल और विश्वविद्यालय प्रशासन को बधाई दी।
युवा मेले के बारे में जानकारी देते हुए कुलपति डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल ने कहा कि विश्वविद्यालय के बहुआयामी विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पहले युवा मेले का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को खेलों और पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से पंजाब की लुप्त होती संस्कृति एवं विरासत से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि युवा मेले के दौरान पंजाब की समृद्ध संस्कृति की विभिन्न झलकियां देखने को मिलीं। मेले में गिद्धा, भांगड़ा, स्किट, मिमिक्री, पारंपरिक गीत, लोकगीत और पारंपरिक वेशभूषा के प्रदर्शन जैसी मंचीय कलाओं के अलावा भाषण प्रतियोगिताएं, कविता पाठ, पोस्टर मेकिंग और कोलाज मेकिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

इसी तरह ललित कलाओं के अंतर्गत नाला बुनना, पंखी बुनना, गुड़िया-पटोलों का निर्माण, मिट्टी के खिलौने तैयार करना और रंगोली बनाने जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। लोक खेलों में शटापू, गीटे, रस्सी कूद और रस्साकशी की प्रतियोगिताएं भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
डॉ. गिल ने बताया कि इस मेले में पंजाब के 15 से अधिक विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भाग लेने वाले विद्यार्थियों के ठहरने और खाने-पीने के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। उन्होंने कहा कि मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा की पहचान करना और उन्हें सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अपने कौशल को और निखारने के अवसर प्रदान करना है।
इस अवसर पर पंजाब फूड ग्रेन कॉरपोरेशन के चेयरमैन श्री बलजिंदर सिंह ढिल्लों, एसडीएम गुरदेव धाम, पंजाबी फिल्म जगत की प्रमुख हस्तियां सुनीता धीर, बिन्नू ढिल्लों, कंवलजीत सिंह ढींडसा, स्वर्ण रटौल और हॉकी ओलंपियन रूपा सैनी सहित अन्य प्रमुख हस्तियों ने विशेष रूप से शिरकत की। पंजाब के प्रसिद्ध गायक एवं अभिनेता करमजीत अनमोल की विशेष प्रस्तुति मेले का मुख्य आकर्षण रही।






