ओडिशा में बाढ़ और भूस्खलन से तीन लोगों की मौत, राजस्थान में ओलावृष्टि से गिरा तापमान; दिल्ली-NCR में निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): देश के विभिन्न हिस्सों में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर लगातार देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के केदारनाथ और बद्रीनाथ में बर्फबारी का दौर जारी है, जबकि ओडिशा में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। इन हादसों में तीन लोगों की जान चली गई, जिनमें नौ महीने का एक मासूम बच्चा भी शामिल है।
उधर, राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिसके चलते तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव से कई राज्यों में ठंड का असर बढ़ने लगा है।
आंध्र प्रदेश में नए चक्रवात की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ समय में डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके प्रभाव से 2 और 3 नवंबर के आसपास आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में एक नया चक्रवाती सिस्टम विकसित होने की संभावना है। इसके चलते तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है।
1 नवंबर: इन राज्यों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 1 नवंबर को अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा, केरल और आंध्र प्रदेश में बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
2 नवंबर: आंध्र प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट
2 नवंबर को आंध्र प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। वहीं, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा, केरल और कर्नाटक में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी रहेगा।
दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण
दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 5 नवंबर से 20 नवंबर तक निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी बाहरी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस दौरान धूल पैदा करने वाले निर्माण कार्य नहीं किए जा सकेंगे।
इसके अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और गौतमबुद्ध नगर में सरकारी तथा निजी कार्यालयों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम (Work From Home) करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का यह कदम दिवाली के दौरान और नवंबर के शुरुआती दो सप्ताह में पराली जलाने की घटनाओं के कारण वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए उठाया गया है। मौसम में बदलाव और प्रदूषण की दोहरी चुनौती के बीच कई राज्यों में प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।