घनौर, पटियाला, 3 नवंबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए इन्हें पूरी तरह भ्रष्ट पार्टियां करार दिया, जो पंजाब के विकास को पटरी से उतारने और अपने साझा राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए एकजुट हो गई हैं। भविष्य के राजनीतिक मुकाबले को ‘एक बनाम सब’ बताते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग झंडे और चुनाव निशान होने के बावजूद इन पार्टियों का मकसद एक ही है—पंजाब को लूटना और यहां के लोगों का शोषण करना है। पटियाला के हलका घनौर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक पार्टियों को इस बात की बेचैनी है कि एक आम घर का बेटा समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाबियों का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और उन्होंने विरोधियों को चेतावनी दी कि साल 2022 की तरह ही 2027 में भी लोग विरोधी पक्ष के बड़े-बड़े नेताओं को घर बैठा देंगे।
अपने ‘एक्स’ हैंडल पर साझा की गई एक पोस्ट में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: “पटियाला के हलका घनौर के गांव मंडौली में पीने के पानी के नए प्रोजेक्ट के उद्घाटन के अवसर पर आज विशाल जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विरोधियों के उलट, हम कुर्सियों की लड़ाई नहीं लड़ रहे। हमारी लड़ाई पंजाब के लोगों को पीने का साफ पानी, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और स्तरीय शिक्षा मुहैया कराने की है। आम परिवार के बच्चों को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां देना हमारी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। लोगों का प्यार और साथ हमें ‘रंगला पंजाब’ बनाने की ताकत दे रहा है।”
दो जिलों के लिए नहरी पानी सप्लाई प्रोजेक्ट लोगों को समर्पित करने उपरांत जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मौजूदा राजनीतिक हालात को “एक बनाम सब” करार दिया। उन्होंने कहा कि जहां पारंपरिक राजनीतिक दल उनकी सरकार के खिलाफ एकजुट हो गए हैं, वहीं वे पंजाब के लोगों के प्यार और आशीर्वाद के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, “एक तरफ भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस हैं, जबकि दूसरी तरफ मैं पंजाब के लोगों के प्यार और आशीर्वाद के साथ खड़ा हूं। इन पार्टियों ने दशकों तक पंजाब पर राज किया और अब इन्हें इस बात से परेशानी है कि एक आम घर का बेटा समाज के प्रत्येक वर्ग के भले के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “इनके झंडे और चुनाव निशान अलग-अलग हैं, लेकिन इनकी नीयतें एक जैसी हैं। यह इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि पंजाब के संसाधन अब मुट्ठी भर राजनीतिक परिवारों की बजाय आम पंजाबियों की भलाई के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि ये राजनीतिक दल पंजाब को लूटने के लिए एकजुट हुए हैं, जबकि वे 3.25 करोड़ पंजाबियों के सुख-दुख के साझीदार बने हैं। पारंपरिक पार्टियां उन्हें इसलिए निशाना बना रही हैं क्योंकि उन्हें समझ आ चुका है कि लोग अब उनकी धोखेबाजी, भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा, “अकाली लीडरशिप ने अपने शासनकाल के दौरान लगभग प्रत्येक कारोबार में अपना हिस्सा डाल लिया। ये नेता हर कारोबार में जबरदस्ती अपना हिस्सा लेते थे, जबकि मैंने आम लोगों के सुख, संघर्ष और दुख बांटने का रास्ता चुना है। इन्हें तकलीफ इस बात की है कि हमारी सरकार रसूखदार परिवारों की जगह आम लोगों के लिए काम कर रही है।”
गांवों के दौरों के दौरान लोगों से मिलने वाले अपार स्नेह का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी और पंजाब की सेवा का इनाम है। उन्होंने कहा, “जब भी मैं गांवों में जाता हूं तो मेरी पगड़ी फूलों से भर जाती है क्योंकि लोग मुझ पर अपना प्यार, आशीर्वाद और स्नेह बरसाते हैं। मेरी पीठ पर किसी रसूखदार परिवार या बड़े सरमायेदारों का हाथ नहीं है, बल्कि मेरे पास आम लोगों का आशीर्वाद है। जब तक पंजाब के लोग मेरे साथ खड़े हैं, मुझे विरोधियों की कोई परवाह नहीं है।”
कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अंदरूनी कलह से जूझ रही है और इसके नेता आपस में ही एकजुटता कायम रखने के काबिल नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि भले ही कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के विरोधी होने का दिखावा करते हैं, लेकिन जब मौजूदा सरकार का विरोध करने की बात आती है तो ये सभी अंदरखाते एक हो जाते हैं। दल-बदली की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस में लंबे समय तक रहने वाले कई नेता अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं। मनप्रीत सिंह बादल, सुनील जाखड़ और रवनीत सिंह बिटू उन नेताओं में से हैं जिन्होंने समय-समय पर अपनी निष्ठाएं बदली हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी दल-बदली पारंपरिक पार्टियों की पहचान बन चुकी है, जिनके नेता अपनी सुविधा के अनुसार अवसरवादी राजनीति करते हुए रंग बदलते रहते हैं।
प्रमुख राजनीतिक नेताओं को जनता द्वारा चुनावों मेंकारे जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों ने पिछले चुनावों में कैप्टन अमरिंदर सिंह, चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू, बिक्रम सिंह मजीठिया और अन्य को हराकर अपनी लोकतांत्रिक ताकत का सबूत पहले ही दे दिया है। उन्होंने कहा, “कोई भी राजनीतिक नेता, चाहे उसका पद या रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो, जनता से बड़ा नहीं होता। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च होती है और उसका फैसला ही सबसे अहम होता है। कोई भी राजनीतिक परिवार या व्यक्ति पंजाब की मिल्कियत का दावा नहीं कर सकता। लोगों ने बार-बार साबित किया है कि वे अहंकार, धोखेबाजी और लूट-खसूट को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। जनता वोटों की खातिर झूठे वादे करने वालों और जमीनी स्तर पर काम करके दिखाने वालों के बीच का फर्क साफ समझती है।”
प्रोग्राम के दौरान समर्पित किए गए प्रोजेक्ट्स की अहमियत का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने का साफ पानी मुहैया कराना सिर्फ बुनियादी ढांचे का उपक्रम नहीं है, बल्कि पंजाब के लोगों की सेहत और भविष्य में सीधा निवेश है। उन्होंने कहा, “लगभग 90,000 घरों से संबंधित पांच लाख से अधिक लोगों को नहरों पर आधारित पीने का साफ पानी निर्बाध रूप से मिलेगा। ये प्रोजेक्ट विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कई गांवों में भूजल बहुत अधिक फ्लोराइड और भारी धातुओं के प्रदूषण से प्रभावित हुआ है। हमारी सरकार ने लोगों को धरती के नीचे के दूषित पानी से जुड़े स्वास्थ्य खतरों से बचाने के लिए यह कदम उठाया है।”
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार सिर्फ पाइपलाइनें नहीं बिछा रही बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित कर रही है। पीने का साफ पानी एक बुनियादी जरूरत है और हर परिवार को उसका बराबर अधिकार है, चाहे वह किसी भी आर्थिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता हो। उन्होंने आगे कहा कि ये प्रोजेक्ट्स हजारों परिवारों के लिए जीवन रेखा साबित होंगे।
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के कायाकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि सुधरी हुई शैक्षणिक कार्यप्रणाली और विद्यार्थियों में बढ़ता आत्मविश्वास सरकार के प्रयासों के परिणामों को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “साल 2021 में सरकारी स्कूलों के सिर्फ 80 विद्यार्थी नीट के लिए योग्य हुए थे, जबकि इस साल यह संख्या बढ़कर 882 हो गई है। यह सुधार हमारी सरकार की आम परिवारों के बच्चों को स्तरीय शिक्षा और समान अवसर प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों को पहले यह मानने के लिए मजबूर किया जाता था कि स्तरीय शिक्षा और पेशेवर करियर उनकी पहुंच से बाहर हैं। उनकी सरकार ने सरकारी स्कूलों की हालत सुधारकर और शिक्षकों व विद्यार्थियों को समर्थ बनाकर इस मानसिकता को बदलने के लिए काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि आज सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे सबसे महंगे निजी संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ सफलतापूर्वक मुकाबला कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह असल में लोगों की भलाई वाली सरकार है, जो लोगों के जीवन को सुधारने के लिए अथक मेहनत करती है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने आम आदमी क्लीनिकों और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के माध्यम से जन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया है, जिसके तहत योग्य परिवारों को 10 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। उन्होंने कहा, “इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार चिकित्सीय खर्चों के कारण आर्थिक मुश्किल में न पड़े और स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं आम नागरिकों की पहुंच में रहें। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि लोगों को आर्थिक बोझ की चिंता किए बिना जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।”
किसानों के लिए सरकार के प्रयासों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कार्यों के लिए दिन के समय बिजली मुहैया कराने से किसान भाईचारे को बड़ी राहत मिली है। किसान अब अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पूरी रात जागने के बजाय दिन के समय अपने खेतों में काम कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि नहरी सिंचाई के अधीन क्षेत्र भी काफी बढ़ा है, जिससे भूजल पर निर्भरता घटी है और राज्य के पानी के कीमती स्रोतों को बचाने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारे किसान पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं और उनकी सुविधा, सम्मान और खुशहाली हमारी प्राथमिकताएं हैं। दिन के समय बिजली देना और नहरी नेटवर्क का विस्तार करना कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने और यह सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं कि हमारे किसानों को बेवजह संघर्ष न करना पड़े।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दल इस तथ्य को हजम करने में असमर्थ हैं कि पंजाब में शासन का नया मॉडल देखने को मिल रहा है जिसमें जनता का पैसा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, पीने के पानी, सिंचाई और अन्य जरूरी सेवाओं पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विरोधी पक्ष अपने राजनीतिक हमले जारी रख सकता है, लेकिन लोग सरकारों का मूल्यांकन उनकी कार्यप्रणाली और प्रतिबद्धता के आधार पर करेंगे। जिन्होंने दशकों तक पंजाब पर राज किया, उनके पास लोगों की सेवा करने के बहुत सारे मौके थे, लेकिन वे अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असफल रहे। उन्होंने आगे कहा कि आज जब सरकारी स्कूल सुधर रहे हैं, स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के दरवाजों तक पहुंच रही हैं, किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है और गांवों को पीने का साफ पानी मिल रहा है, तो वही राजनीतिक ताकतें बेचैन हो रही हैं।
अपनी सरकार की विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जनता के पैसे का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाली राजनीतिक लड़ाई किसी एक व्यक्ति या किसी एक राजनीतिक पार्टी के बारे में नहीं है, बल्कि पंजाब के हितों की रक्षा करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के बारे में है। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग मेरा परिवार हैं और उनका विश्वास मेरी सबसे बड़ी ताकत है। ये राजनीतिक दल एकजुट हो सकते हैं, अभियान चला सकते हैं और आरोप लगा सकते हैं, लेकिन वे पंजाबियों की सामूहिक इच्छाओं को हरा नहीं सकते। पंजाब का भविष्य इसके लोगों द्वारा तय किया जाएगा, न कि कुछ राजनीतिक परिवारों द्वारा।”






