चंडीगढ़, 28 जून,2026 : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम केवल देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में लोग सुनते हैं। रविवार को प्रसारित इस कार्यक्रम को मुख्यमंत्री ने पंजाब के लुधियाना में आम लोगों के बीच बैठकर सुना।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी अफ्रीकी देश सेशेल्स के दौरे पर होने के बावजूद आकाशवाणी के माध्यम से ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं। यह उनके जनसंपर्क और संवाद के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने खेलों को बढ़ावा देने, प्राकृतिक खेती अपनाने, पानी की प्रत्येक बूंद बचाने तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पहले से ही इन सभी क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है, वहीं राज्य के किसान केंद्रीय पूल के लिए भरपूर अनाज उपलब्ध करा रहे हैं। किसानों को बागवानी तथा अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि किसान अधिक से अधिक जल संरक्षण करें और प्राकृतिक खेती को अपनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से सोना कम खरीदने और पेट्रोल की बचत करने की अपील की थी, जिसका सकारात्मक प्रभाव आज देखने को मिल रहा है। लोग अब सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग कर रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री के संदेश को जनता ने दिल से स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयास ही राष्ट्र निर्माण को नई गति देते हैं।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व के विषयों पर संवाद का एक प्रभावी मंच बन चुका है। इसके माध्यम से सरकार की नीतियों की जानकारी नागरिकों तक पहुंचती है और जनता की प्रतिक्रिया भी सामने आती है।
उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की जनता के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम है। इस कार्यक्रम के जरिए देशभर में हो रहे सकारात्मक प्रयासों, सामाजिक नवाचारों और जनभागीदारी की प्रेरक कहानियां लोगों तक पहुंचती हैं, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सामाजिक समरसता और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिलता है। यह कार्यक्रम देशवासियों को विकास, सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए भी प्रेरित करता है।






