Wednesday, August 26, 2026
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आयुष विभाग द्वारा गांव कलाल माजरा के विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर का किया आयोजन:डा. मंजू शर्मा

विद्यार्थियों को आयुर्वेद, योग एवं स्वच्छ जीवन शैली का दिया संदेश
कुरुक्षेत्र, 4 जुलाई,2026 :  जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि आयुष विभाग व जिला प्रशासन के तत्वाधान में गांव कलाल माजरा के राजकीय विद्यालय में विद्यालय स्वास्थ्य एवं जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में रोगों की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा आयुर्वेद एवं योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष ने विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसे वेक्टर जनित रोगों से बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्षा ऋतु में घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखना, पानी को कहीं भी एकत्र न होने देना, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाना तथा संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेना इन रोगों की रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस शिविर के दौरान छात्राओं को मासिक धर्म के समय व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार, पर्याप्त जल सेवन तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित सेनेटरी उत्पादों के उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इसके साथ ही उन्हें इस विषय से जुड़े सामाजिक संकोच से मुक्त होकर स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
इस शिविर में योग सहायक राय सिंह एवं अनु ने विद्यार्थियों को योगाभ्यास, प्राणायाम एवं सरल दैनिक योग क्रियाओं का अभ्यास करवाया तथा बताया कि नियमित योग शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है। इस शिविर में लगभग 67 विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार फार्मासिस्ट धर्मवीर द्वारा नि:शुल्क आयुष औषधियों का वितरण किया गया।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि आयुष ग्राम की अवधारणा का उद्देश्य ग्राम स्तर पर आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक एवं स्वस्थ जीवनशैली को जन-जन तक पहुँचाना है। आयुष ग्राम के माध्यम से न केवल रोगों का उपचार किया जा रहा है, बल्कि लोगों को रोगों की रोकथाम, स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित आहार, योग, स्वच्छता एवं दैनिक जीवन में आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाने के लिए भी निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आयुष स्वास्थ्य सेवाएँ पहुंचाई जा सकें।

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