छह महीनों में 14 हजार से अधिक अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाई, 3,947 साइबर अपराधी गिरफ्तार
एमआरएम के माध्यम से रिफंड दर राष्ट्रीय औसत से आठ गुना अधिक
चंडीगढ़, 6 जुलाई, 2026 : हरियाणा ने साइबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के माध्यम से साइबर ठगी के मामलों में 31 प्रतिशत धन वापसी (फंड रेस्टोरेशन) सुनिश्चित की है। यह राष्ट्रीय औसत 3.85 प्रतिशत से लगभग आठ गुना अधिक है। इसके अलावा वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में 14,000 से अधिक अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाई गई तथा 3,947 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, पिछले डेढ़ वर्ष में साइबर हॉटस्पॉट नूंह से 927 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई। जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच 9,100 पुलिस कर्मियों को साइबर जांच का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।
यह जानकारी आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित प्रगति समीक्षा बैठक में दी गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र के लिए आवश्यक मानव संसाधनों की स्वीकृति में तेजी लाने, तकनीक आधारित पुलिसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित साइबर निगरानी तथा संस्थागत क्षमता को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा अभियोजन और पीड़ित सहायता तंत्र को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया, ताकि बदलते डिजिटल खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।
बैठक में बताया गया कि इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा विकसित मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के तहत हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जहां पूरे देश में 1,79,203 मामलों में 6,906 रेस्टोरेशन आदेश जारी हुए और रिफंड दर 3.85 प्रतिशत रही, वहीं हरियाणा में 7,316 मामलों में 2,241 रेस्टोरेशन आदेश जारी कर 31 प्रतिशत धन वापसी सुनिश्चित की गई।
पुलिस अधीक्षक (साइबर) श्री मयंक गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2023 में पंचकूला में स्थापित राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र (S4C) की क्षमताओं का वर्ष 2026 में व्यापक विस्तार किया गया है। साइबर धोखाधड़ी शिकायत प्रबंधन, बैंक समन्वय, म्यूल अकाउंट, जांच निगरानी, मोबाइल और यूआरएल (URL) ब्लॉकिंग जैसी मौजूदा इकाइयों के अलावा अब एआई इंटीग्रेशन सेल, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट, ओसीडब्ल्यूसी यूनिट, क्रिएटिव अवेयरनेस यूनिट और सीक्रेट सेल भी स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण, नीति, अनुसंधान एवं विकास, डार्क वेब जांच तथा वर्चुअल डिजिटल एसेट से संबंधित विशेष सेल स्थापित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 25 जून, 2026 से हरियाणा में ई-जीरो एफआईआर सुविधा लागू कर दी गई है। इसके तहत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त एक लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें स्वतः इलेक्ट्रॉनिक जीरो एफआईआर में परिवर्तित होकर संबंधित साइबर पुलिस थानों को भेजी जा रही हैं, जिससे ऐसे मामलों में त्वरित पंजीकरण और जांच सुनिश्चित हो रही है।
बैठक में बताया गया कि सहयोग पोर्टल के माध्यम से जनवरी से जून 2026 के दौरान 14,139 अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाई गई, जबकि पूरे वर्ष 2025 में यह संख्या 5,169 थी। हटाई गई सामग्री में फिशिंग वेबसाइटें, फर्जी विज्ञापन, धोखाधड़ी से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, फिशिंग गूगल विज्ञापन तथा बिना सहमति साझा की गई आपत्तिजनक निजी सामग्री शामिल हैं।
बैठक में साइबर अपराध के हॉटस्पॉट नूंह में की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच हरियाणा पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 473 एफआईआर दर्ज कीं, 927 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया तथा 751 मोबाइल फोन और 1,442 सिम कार्ड जब्त किए। इसके अतिरिक्त खुफिया अभियानों के तहत 43,354 मोबाइल नंबर और उनसे जुड़े 5,007 आईएमईआई (IMEI) को टावर डंप विश्लेषण, आईएमईआई लिंकिंग तथा प्रतिबिंब पोर्टल की सहायता से ब्लॉक कर संगठित साइबर अपराध नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई गई।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने शिकायत निवारण मॉड्यूल की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध जांच के दौरान फ्रीज किए गए बैंक खातों से संबंधित 533 शिकायतों में से 410 का निपटारा किया जा चुका है तथा समर्पित मॉनिटरिंग टीमों के माध्यम से सभी मामलों का 15 दिनों की निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
बैठक में साइबर जांच क्षमता को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों की भी जानकारी दी गई। वर्तमान में पूरे प्रदेश में 675 पुलिस कर्मी साइबर अपराध जांच में तैनात हैं। इसके अतिरिक्त 3,742 अधिकारियों ने साइट्रेन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जबकि जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में 5,390 पुलिस कर्मियों को विशेष ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया गया। हरियाणा पुलिस के दो अधिकारी साइबर कमांडो के रूप में प्रशिक्षित हो चुके हैं तथा 12 अन्य अधिकारी साइबर कमांडो प्रशिक्षण के अगले चरण के लिए पात्र घोषित किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि तालमेल पोर्टल पर हरियाणा ने अन्य राज्यों से प्राप्त 8,872 अनुरोधों में से 8,625 का निस्तारण कर 97 प्रतिशत से अधिक दक्षता हासिल की है, जिससे राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल बना हुआ है।
बैठक में साइबर जागरूकता अभियान की भी समीक्षा की गई। जनवरी से जून 2026 के दौरान हरियाणा पुलिस द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, बस अड्डों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 1,322 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनके माध्यम से लगभग 3.14 लाख नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। सोशल मीडिया के माध्यम से भी समय-समय पर साइबर धोखाधड़ी के नए तरीकों तथा उनसे बचाव संबंधी सलाह जारी की जा रही है।
बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल तथा गृह विभाग की अतिरिक्त सचिव डॉ. वंदना दिसोदिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।