Thursday, August 27, 2026
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डिजिटल इकोसिस्टम में डेटा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाना जरूरी: शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा

चंडीगढ़, 7 जुलाई: हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि आज के डिजिटल युग में विद्यार्थियों का जीवन केवल पुस्तकों और कक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका पूरा शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन डिजिटल इकोसिस्टम का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के सर्वरों पर मौजूद छात्रों का डेटा, शोध सामग्री और डिजिटल लाइब्रेरी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

वे पंचकूला स्थित शिक्षा सदन में उच्च शिक्षा निदेशालय, हरियाणा और इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी) द्वारा आयोजित “डिजिटल इकोसिस्टम में व्यक्तियों की सुरक्षा” विषय पर पहली राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि कार्यशाला में 7,500 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जो साइबर सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के डिजिटल सिस्टम में छोटी-सी चूक भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती है, इसलिए पूरे शिक्षा तंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि जब कोई विद्यार्थी विश्वविद्यालय के पोर्टल पर प्रवेश के लिए आवेदन करता है तो वह अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी संस्थान के भरोसे साझा करता है। इस विश्वास को बनाए रखना सरकार और शैक्षणिक संस्थानों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार ऐसा डिजिटल वातावरण तैयार कर रही है, जहां डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के आधिकारिक सुरक्षित मोबाइल ऐप का शुभारंभ भी किया। उच्च शिक्षा निदेशालय के आईटी सेल द्वारा विकसित इस ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की अधिसूचनाएं, शैक्षणिक अपडेट, समाचार और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी सुरक्षित तरीके से उपलब्ध होगी।

कार्यक्रम के समापन पर शिक्षा मंत्री ने सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट देने की घोषणा करते हुए युवाओं से समाज में ‘साइबर सुरक्षा दूत’ बनने और साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर, मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने लॉन्च किए दो नए डिजिटल पोर्टल

चंडीगढ़, 7 जुलाई: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मंगलवार को पंचायती भवन, चंडीगढ़ में विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी लाने और सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में राज्य के सभी जिला परिषद अध्यक्षों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान विभिन्न ग्रामीण विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचा विकास कार्यों की जिला-वार समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान मंत्री ने दो महत्वपूर्ण डिजिटल पोर्टलों का शुभारंभ किया। ‘समाधान’ पोर्टल के माध्यम से पंचायत (शामलात) भूमि पर वर्ष 2004 से पहले बने 500 वर्ग गज तक के मकानों को नियमित कर पात्र ग्रामीण परिवारों को कानूनी स्वामित्व प्रदान करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। वहीं हरियाणा रूरल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (HRPMS) पोर्टल के जरिए ग्रामीण विकास कार्यों की चरणबद्ध डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी।

समीक्षा बैठक में अटल पुस्तकालय, फिरनी निर्माण, योग एवं व्यायामशालाएं, ग्राम सचिवालयों का सुदृढ़ीकरण, शिवधाम, स्ट्रीट लाइट, सड़क मरम्मत, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना, महिला चौपाल, महिला सांस्कृतिक केंद्र और अमृत सरोवर जैसी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, लखपति दीदी योजना, स्वयं सहायता समूहों, कौशल विकास, दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना और आरसेटी (RSETI) के तहत चल रहे कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

कृष्ण लाल पंवार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणाओं, जनसंवाद से जुड़े लंबित मामलों और ग्रामीण विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि राज्य एवं केंद्रीय वित्त आयोग से प्राप्त अनुदानों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा उपयोगिता प्रमाणपत्र समय पर जमा किए जाएं, ताकि विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रवाह लगातार बना रहे और ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिल सके।

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